'मार्क ऑन ड्यूटी' पर भी शिक्षा विभाग की पैनी नजर, शिक्षिका की 'होशियारी' ही उन्हें ले डूबी
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अब ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ के नाम पर की जा रही लापरवाही और गड़बड़ी पर विभाग की पैनी नजर है। इसी क्रम में जमुई की एक शिक्षिका द्वारा नियमों के खिलाफ घर से उपस्थिति दर्ज कराने का मामला सामने आया है। अब इसके बार पूरे राज्य में उपस्थिति की निगरानी बढ़ा दी गई है।
ऑफिस वर्क के नाम पर खेल
ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर की गई जांच में पाया गया कि संबंधित शिक्षिका ने 24 जनवरी 2026 को ‘ऑफिस वर्क’ का हवाला देते हुए ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ के माध्यम से अपने जिले से ही उपस्थिति दर्ज की थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि उस दिन वह विद्यालय में उपस्थित नहीं थीं।
विभाग ने माना अनुशासनहीनता
इस मामले को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा है। पत्र में पूछा गया है कि किस परिस्थिति में उन्होंने ‘ऑफिस वर्क’ का हवाला देकर उपस्थिति दर्ज की और क्यों न इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
घर से ही बना दी उपस्थिति
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ का उपयोग केवल आधिकारिक कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए, लेकिन शिक्षिका ने इसका दुरुपयोग कर घर से ही उपस्थिति दर्ज कर ली।
विभाग ने निर्देश दिया है कि संबंधित शिक्षिका 24 घंटे के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण कार्यालय में प्रस्तुत करें। समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सख्त कदम उठाने का फैसला
शिक्षा विभाग का कहना है कि भविष्य में भी उपस्थिति से जुड़ी अनियमितताओं पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बना रहे।
