बड़ा कठिन है नौकरीपेशा महिलाओं का जीवन
आजकल महिलाएं पढ़ी-लिखी हैं। वे वकील, जज, डाक्टर, पायलट तथा सरहदों पर पहरा देने व अन्य अनेकों पदों पर काम कर रही हैं। बहुत-सी महिलाएं अध्यापिकाएं बनकर बच्चों के भविष्य संवारने का काम कर रही हैं। आम लोगों की यह धारणा है कि नौकरी कर रही महिलाएं आसान जीवन जी रही हैं मगर यह सच नहीं है। एक महिला पति का साथ देने के अलावा बुजुर्ग सास-ससुर की सेवा करना, खाना बनाना, बच्चों को संभालना तथा अन्य कई कर्त्तव्य निभाती है। वर्षा, आंधीं, धुंध में वह अपने काम पर हाजिरी भरती है।
समय-समय पर चुनावी ड्यूटी निभाती है, जिसमें उसे घर से काफी दूर भी जाना पड़ता है। घर लौट कर फिर सारे काम करने पड़ते हैं। महिलाओं से रास्ते में लूट-खसूट भी होती है जिससे वे असुरक्षित महसूस करती हैं) pravesh
नौकरीपेशा महिलाओं को पारिवारिक सदस्यों तथा आम लोगों से सहयोग की जरूरत होती है ताकि वे उसके दुखों को कम करने में सहायक हो सकें।
