सख्तीः प्रमाणपत्रों की सूची 31 जनवरी तक मांगी

 सख्तीः प्रमाणपत्रों की सूची 31 जनवरी तक मांगी



जिले में प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों के लेखन कौशल को मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित दीक्षा एमआईपी (माइक्रो इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम) "बीएच-डाइट सारण एमआईपी सरल व स्पष्ट लेखन कौशल विकास" कार्यक्रम को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, समग्र शिक्षा ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और शिक्षक निर्धारित तिथि तक एमआईपी को अनिवार्यरूप से पूरा करें और प्रमाण पत्र की समेकित सूची उपलब्ध कराएं। जारी पत्र में कहा गया है कि यह ऑनलाइन एमआईपी कार्यक्रम एफएलएन की अनुशंसाओं और सुझावों के आधार पर विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों को बच्चों में लेखन कौशल विकसित कराने के लिए नवीनतम शिक्षण विधियों से अवगत कराना



है। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक प्रखंड में कक्षा 1 से 5 के शिक्षकों का व्हाट्सएप समूह बनाने का निर्देश दिया गया था, जिसमें शिक्षक अपनी प्रगति से संबंधित प्रतिवेदन साझा कर रहे हैं।

समीक्षा में कुछ प्रखंडों की प्रगति असंतोषजनक है


समीक्षा के दौरान यह पाया गया है कि कुछ प्रखंडों की प्रगति असंतोषजनक है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में संबंधित विद्यालयों के माध्यम से दीक्षा एप पर उपलब्ध एमआईपी को 31 जनवरी 2026 तक हर हाल में पूरा कराएं। साथ ही प्रत्येक सप्ताह निर्धारित प्रपत्र में प्रगति प्रतिवेदन कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर एमआईपी पूर्ण न करने वाले विद्यालयों व शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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