प्राथमिक विद्यालय को नहीं मिलेंगे नए शिक्षक, माध्यमिक-उच्च माध्यमिक को लाभ

 प्राथमिक विद्यालय को नहीं मिलेंगे नए शिक्षक, माध्यमिक-उच्च माध्यमिक को लाभ




आयोग के चौथे चरण को शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया से जिले के प्राथमिक विद्यालयों को नए शिक्षक नहीं मिलेंगे। वजह यह है कि प्राथमिक स्तर पर छात्र-शिक्षक अनुपात पहले से ही निर्धारित मानक के अनुरूप पूरा हो चुका है। जिला शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार कक्षा एक से पांच तक के दो लाख 14 हजार 770 छात्रों के लिए सात हजार 56 शिक्षक कार्यरत हैं. ऐसे में नई नियुक्ति की आवश्यकता नहीं मानी गई है।

हाल ही में जिला शिक्षा विभाग ने चौथे चरण की रिक्तियों का विवरण मुख्यालय को भेजा है। इसमें कक्षा


छह से 12 तक के लिए 506 पद रिक्त दर्शाए गए हैं। स्पष्ट है कि इस चरण की नियुक्तियों का लाभमुख्य रूप से माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को मिलेगा। शिक्षकों की संख्या पर्याप्त, लेकिन विवरण असंतुलितः हालाकि कुल शिक्षकों को उपलब्धता के बावजूद जिले के विद्यालयों में असमानता

बनी हुई है। कई स्कूलों में छात्रों की संख्या कम है, जबकि शिक्षकों की तैनाती अपेक्षाकृत अधिक है। वहीं अनेक विद्यालय ऐसे भी है. जहां छात्र अधिक और शिक्षक बेहद कम हैं। जिले में कुल पांच लाख 31 हजार छात्रों के लिए 16 हजार 682 शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन समुचित वितरण के अभाव



में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस असंतुलन को दूर करने के लिए शिक्षकों के रेशेलाइजेशन की जरूरत बताई जा रही है, ताकि सभी विद्यालयों में समान छात्र-शिक्षक अनुपात सुनिश्चित हो सके और पढ़ाई बाधित न हो। जिल्ला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि रेशेलाइजेशन को लेकर

छात्रों के लिए पांच शिक्षक पदस्थापित।

केस स्टडी 3: नारायणपुर प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय दुवैला में 24 छात्रों पर 10 शिक्षक बहाल।

फिलहङ्गत विभाग की ओर से कोई विस्तृत निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। निर्देश मिलने के बाद कार्ययोजना तैयार की जाएगी। योजना के तहत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला शिक्षा समिति प्रक्रिया पूरी करेगी। इस प्रक्रिया से स्कूलों में बच्चों व शिक्षकों का अनुपात बराबर होगा और शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।


वेतन निर्धारण के 353 आवेदन मिले, एक सप्ताह में समाधान

जिला शिक्षा कार्यालय में शुक्रवार को शिक्षकों के वेतन निर्धारण से उत्पन्न समस्याओं के समाधान हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 353 से अधिक शिक्षकों ने अपने आवेदन प्रस्तुत किए। कई मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया, जिससे शिक्षकों को राहत मिली। शिविर के दौरान जिला शिक्षा कार्यालय परिसर में शिक्षकों की लंबी कतार देखी गई। जिला कार्यक्रम

पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि सभी आवेदनों को गहन जांच की जाएगी। कुछ मामले पुराने है. जिनका समाधान तुरंत संभव नहीं है, लेकिन उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने कहा कि दो दिनों में आवेदनों को सूचीबद्ध कर और एक सप्ताह में निष्पादन होगा। आश्वासन दिया कि यदि शिक्षकों की शिकायतें बनी रहीं, ती फिर शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।


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