बीईओ-डीईओ हर माह लेंगे 25 स्कूलों का जायजा
पटना, । राज्य में सरकारी स्कूलों पर निरीक्षण को सख्त किया गया है। सभी जिले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी तक हर माह कम-से-कम 25 स्कूलों का निरीक्षण करेंगे।
दरअसल, वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई समीक्षा में मंगलवार को पाया गया कि जिलों में स्कूलों के निरीक्षण की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसके मद्देनजर स्कूलों के निरीक्षण के निर्देश शिक्षा विभाग द्वारा दिये गये हैं। यह निर्देश शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) मनोरंजन कुमार के हस्ताक्षर से जिला शिक्षा पदाधिकारियों को जारी किये गये
हैं। इसके साथ अपर मुख्य सचिव के हस्ताक्षर से गत 20 फरवरी को जारी निर्देश की छाया प्रति भी संलग्न की गयी है तथा कहा गया है कि उसमें यह निदेशित है कि सभी पदाधिकारियों द्वारा प्रत्येक माह कम-से-कम 25 स्कूलों का स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाना है। जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि निदेशित संख्या में विद्यालयों का निरीक्षण सुनिश्चित
किया जाय। इसकी समीक्षा साप्ताहिक बैठकों में की जायेगी। इसकी प्रति सभी क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशकों एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) को भी दी गयी है। गौर हो कि अपर मुख्य सचिव के गत 20 फरवरी के निर्देश के मुताबिक हर जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, अपर जिला कार्यक्रम समन्वयक (बिहार शिक्षा परियोजना परिषद) एवं सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी (बिहार शिक्षा परियोजना परिषद) विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे।
पॉलिटेक्निक संस्थानों में होगी रियल टाइम निगरानी
पटना। राज्य के सभी 46 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में पढ़ाई और सुविधाओं की रियल टाइम मॉनीटरिंग (आरटीएम) होगी। इसके लिए विज्ञान एवं प्रावैधिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग सॉफ्टवेयर टीएमएस (टीचिंग मैनेजमेंट सिस्टम) तैयार करा रहा है। इससे पॉलीटेक्निक संस्थानों में पढ़ाई की गुणवत्ता में भी सुधार होगी। आगामी सत्र 2025-26 से ही यह नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। राज्य प्रावैधिक शिक्षा परिषद सभी पॉलीटेक्निक संस्थानों में प्रतिदिन शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति भी जांचेगी। वर्ग कार्य के साथ ही प्रयोगशाला कार्य की स्थिति भी जांचने में इससे मदद मिलेगी।
