Primary ka master: ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने के आरोपी 295 शिक्षकों को शो-कॉज

 ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने के आरोपी 295 शिक्षकों को शो-कॉज



ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर फर्जी उपस्थिति लगाने के आरोप में 295 शिक्षकों को शो-कॉज किया गया है। इस खेल का पता तब लगा जब जिले के शिक्षा विभाग के द्वारा ई शिक्षाकोष की मॉनिटरिंग की गई। इसमें पता चला कि जो लाइव फोटो अपलोड कर रहे थे वह तो विद्यालय परिसर का है ही नहीं। अब आप समझ सकते हैं कि जिन पर बच्चों को भविष्य संवारने का दायित्व हो वह किस प्रकार से बच्चों की भविष्य के साथ नाइंसाफी कर रहे हैं। बता दें कि बिहार सरकार ने वेतन और गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने को लेकर आवश्यक जरूरी कदम उठाए हैं। यहां तक की जो शिक्षक विद्यालय जाएंगे वह अपनी उपस्थित ऑनलाइन 'ई शिक्षा कोष पोर्टल' के माध्यम से बनाएंगे, परंतु यह जिले के लिए काफी शर्मनाक है। जो विद्यालय में बच्चों को ईमानदारी का पाठ पढ़ाने का दावा करते है वे शिक्षक शिक्षिका खुद ही बेईमान निकले तथा बिना विद्यालय गए ही फर्जी तरीके से अपनी उपस्थिति बनाकर विद्यालय से गायब रहे। ऐसे शिक्षकों के भरोसे कैसे मासूमों की पढ़ाई हो सकेगी व किस प्रकार देश का भविष्य संवर सकेगा।

इटाढ़ी प्रखंड के 39 शिक्षकों ने बनाई फर्जी उपस्थिति

विभाग के पत्र से यह स्पष्ट होता है कि एक ही विद्यालय के दर्जनों शिक्षकों ने फर्जी उपस्थिति बनाई है, ऐसा लगता है कि फर्जी उपस्थिति बनाने में सभी शिक्षकों ने तय किया हो की फर्जी उपस्थिति बनाई जाए। विभाग के पत्र के अनुसार इटाढ़ी प्रखंड के 39 शिक्षकों ने फर्जी उपस्थिति बनाई है। इनमें अधिकतर वैसे शिक्षक हैं जो एक ही विद्यालय से हैं। इसी प्रकार से जिले के अलग-अलग प्रखंडों के 292 शिक्षकों ने फर्जी उपस्थिति बनाई है।

पहले खींची गई तस्वीर ई-शिक्षा कोष पर किया अपलोड

जारी पत्र के अनुसार एक ही दिन विद्यालय जाकर अलग-अलग एंगल से फोटो खींच लिया गया है, और ई शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। वहीं कई दिवसों को मनमाने तरीके से उपस्थिति दर्ज ही नहीं किया जा रहा है, या निर्धारित समय के विपरीत उपस्थिति दर्ज की जा रही  है/ विद्यालय छोड़ते समय ई-शिक्षा कोष पर उपस्थिति दर्ज नहीं की जा रही है, जिससे परिलक्षित होता है कि आपके द्वारा नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित हुए बिना ही फर्जी ढंग से उपस्थिति बनाकर या अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहते हुए विद्यालय उपस्थिति पंजी में उपस्थिति बनाकर छात्रों के भविष्य

से खिलवाड़ करने का कार्य किया जा रहा है, जो आपके स्वेच्छाचारिता एवं दायित्व निर्वहन में घोर अनियमितता का परिचायक है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे शिक्षकों के साथ अब देखना होगा कि केवल स्पष्टीकरण ही होगी, या कार्रवाई भी होगी अभिभावकों के  अनुसार ऐसे फर्जी तरीके से कार्य करने वाले शिक्षकों पर आवश्यक कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि इन्हें पता चले की बच्चों की भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर क्या हो सकता है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेवा भी समाप्त की जा सकती है अब देखना होगा सेवा समाप्त होती है या नहीं।

कोई बाइक पर दिख रहा तो किसी का चेहरा ही नहीं


बता दें कि इसको लेकर डीपीओ स्थापना के द्वारा पत्र जारी किया गया है तथा इन 292 शिक्षकों से पूछा गया है कि क्यों नहीं आपके खिलाफ कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्त की जाए।

इनमें ऐसी शिक्षक हैं जो विभाग की आंखों में धूल झोंक कर फर्जी तरीके से अपनी उपस्थिति बनाए हैं। कोई मोटरसाइकिल पर बैठे हुए उपस्थित बनाया है तो किसी का चेहरा ही स्पष्ट नहीं है, ताकि यह पता नहीं चले। कुछ ऐसी भी शिक्षक हैं जो किसी दूसरे जगह उपस्थित रहकर ई शिक्षा कोष पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराए हैं।

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