प्रार्थना के बाद भरभराकर गिरा स्कूल भवन का जर्जर छत, गनीमत रही बच्चे बरामदे पर नहीं थे

 जिले के फुल्लीडुमर प्रखंड क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय तेलिया का छत पिछले छह माह से जर्जर है। हालत ऐसी है कि आए दिन छत से कंक्रीट भरभराकर गिर रहा है। इसके बावजूद विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ताजा मामला सोमवार का है, जब मॉर्निंग शिफ्ट में विद्यालय खुली तो प्रार्थना के बाद बच्चों को वर्ग कक्ष में भेज दिया गया।



बच्चे वर्ग कक्ष के अंदर दाखिल हुए तो बरामदे का छत भर भराकर गिरने लग गया। गनीमत रही उस समय एक भी बच्चे बरामदे पर नहीं थे। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। दरअसल, वर्षों से जर्जर भवन की मरम्मत विभाग की ओर से नहीं कराया जा रहा है। जिससे यहां नामांकित 140 छात्र-छात्राएं जर्जर भवन में भय के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं। छत से गिरते कंक्रीट से जहां बच्चे सहमे हुए हैं, वहीं एचएम और शिक्षक आशंकित रहते है कि कहीं कोई कंक्रीट का टुकड़ा किसी के सिर पर न गिर जाए।


जर्जर बरामदे पर बच्चों को मिलता है एमडीएम


छत टूटकर गिरने का भय भी भी बना रहता है। है। इधर बरामदे का छत की स्थिति भी दयनीय हालत हो चुकी है। एमडीएम के समय बच्चों को बिठाकर खिलाने की जगह तक नहीं रहती। विद्यालय भवन की यह हालत आजकल की नहीं बल्कि सालों से है। विद्यालय में कुल 140 बच्चे नामांकित है, जबकि प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित शिक्षक अगम कुमार झा, मधु कुमारी, नैना देवी, बिना कुमारी, प्रशांत कुमार, शबनम कुमारी, पूजा कुमारी प्रतिनियुक्त है।


पहले बरामदे पर भी होती थी पढ़ाई, हादसे के डर से है बंद


स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक राजीव ठाकुर ने बताया कि विद्यालय की हालत पूरी तरह से खस्ता है। चार कमरे में ही 140 बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है। पहले तो बरामदे पर भी बच्चों को बिठाकर क्लास ले जाती थी, लेकिन खतरे की आशंका के कारण अब बरामदे पर बच्चों को नहीं बिठाते है।


अधिकारियों को इसकी जानकारी, फिर भी मरम्मत नहीं


विद्यालय का जर्जर छत पहली बार पिछले साल जुलाई माह में गिरा था, तब कई अधिकारी विद्यालय का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। लेकिन आज तक विद्यालय के मरम्मत कराए जाने की दिशा में पहल तक नहीं हो सकी है। जबकि विद्यालय के जर्जर होने को लेकर विद्यालय के प्रधानाध्यापक के द्वारा भी कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराते हुए जर्जर विद्यालय की मरम्मत कराए जाने की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अबतक कोई पहल नहीं होने से जहां शिक्षकों में निराशा है, वहीं अभिभावक भी अब बच्चों को विद्यालय भेजने से कतराने लगे हैं।


जल्द शुरू होगा मरम्मत कार्य


• विद्यालय के छत के गिरने की जानकारी हुई


है। पूर्व में भी इसकी जानकारी वरीय पदाधिकारियों को दी गई थी। ई शिक्षा पोर्टल पर भी इसकी स्थिति अपलोड की गई है। जल्द ही विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर मरम्मत का काम होगा।- मनोज प्रभाकर,बीइओ, फुल्लीडुमर।

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