सावधान ! जालसाजों ने ठगी को फैलाया जाल

 पटना। सावधान ! जालसाजों द्वारा फर्जी लेटर के जरिये संस्कृत स्कूलों के नाम पर ठगी का जाल फैलाने का मामला सामने आया है।


फर्जी लेटर शिक्षा विभाग के अपर सचिव संजय कुमार के जाली हस्ताक्षर से जारी है। फर्जी लेटर में कहा गया है कि "संचिका संख्या- 12/व-234/2017 बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड (संशोधन) अधिनियम, 2024 की धारा- 4 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए विभागीय आदेश सं. 194 दिनांक- 12.02.2025 के


आलोक में राज्य मंत्रिपरिषद् द्वारा पारित 300 संस्कृत विद्यालयों में से शेष 265 संस्कृत विद्यालयों को वित्त सहित प्रस्वीकृति प्रदान करने हेतु अध्यक्ष, बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड, पटना को आदेश दिया जाता है।



संबंधित विद्यालयों को वित्तीय लाभ सितम्बर 2010 से देय होगा। प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।" फर्जी लेटर में दिया गया ज्ञापांक भी फर्जी है। इसकी प्रतिलिपि महालेखाकार सहित राज्य मुख्यालय, प्रमंडलीय मुख्यालयों एवं जिला मुख्यालयों के सभी संबंधित अधिकारियों को दर्शायी गयी है।


शिक्षा विभाग के सूत्रों ने इस लेटर को पूरी तरह से फर्जी करार दिया है। सूत्रों के मुताबिक इस फर्जी लेटर की वास्तविकता का पता लगाने कई लोग शिक्षा विभाग में आ चुके हैं। उन्हें बताया गया है कि यह लेटर पूरी तरह से फर्जी है। यहां तक कि फर्जी लेटर में जिस संचिका संख्या का उल्लेख किया गया है, वह भी पूरी तरह से फर्जी है।


दूसरी ओर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड ने भी संबंधित लेटर को पूरी तरह से फर्जी बताया है। बोर्ड के मुताबिक शिक्षा विभाग का ऐसा कोई लेटर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड को नहीं मिला है।

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