बच्चों को अंकों की नहीं, नौकरी की सता रही चिंता

 मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बच्चों को अंकों की नहीं, नौकरी की चिंता सता रही है। सीबीएसई 10वीं और 12वीं की प्रीक्षा के बाद यह बदला ट्रेंड सामने आया है। काउंसिलिंग सेल में आ रहे



कॉल में ज्यादातर कॅरियर से संबंधित ही हैं। पहले परीक्षा के बाद 80 फीसदी बच्चे रिजल्ट को लेकर कॉल करते थे। बच्चों का सवाल अपने विषय और खराब गए प्रदर्शन के साथ ही अंकों के वेटेज को लेकर रहता था। इसबार 70 फीसदी से अधिक बच्चे आगे के कोर्स पर सवाल पूछ रहे हैं। इसमें भी बच्चे रोजगार आधारित कोर्स के बारे में जानकारी ले रहे हैं। काउसंलर का कहना कि अधिकांश बच्चे इस तरह के कोर्स करना चाहते हैं, जिसमें सुरक्षित नौकरी हो और वह भी कम समय के कोर्स करने से ही मिल जाए। बिहार झारखंड के लिए सीबीएसई के नियुक्त काउसंलर डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि जिले समेत सूबे के बच्चे हर दिन 15-20 कॉल कर रहे हैं, जिसमें 13-18 कॉल इसी पर होते हैं। एक-दो बच्चे ही हैं जो रिजल्ट कब आएगा, कैसा आएगा जैसे सवाल पूछ रहे हैं।

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