विभाग लाख शिकंजा कस ले, लेकिन आज भी 50 प्रतिशत गुरुजी भी समय से विद्यालय नहीं आते हैं या विद्यालय से बगैर सूचना के गायब रहते है. हालांकि, अधिकारियों द्वारा लगातार कार्रवाई किये जाने के बाद भी शिक्षकों के बगैर सूचना के विद्यालय से गायब रहने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है.
यह हम नहीं कर रहे, बल्कि विभाग द्वारा इ-शिक्षा कोष पर दर्ज ऑनलाइन हाजिरी की रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है. इधर, पांच अप्रैल को इ-शिक्षा कोष पर दर्ज ऑनलाइन उपस्थिति रिपोर्ट पर नजर डालें, तो जिले में कुल 9871 शिक्षक कार्यरत हैं. इनमें 1192 शिक्षक छुट्टी पर मिले, तो 752 शिक्षक बगैर सूचना के विद्यालय से गायब मिले. साथ ही 1958 शिक्षक विद्यालय खुलने के निर्धारित समय के बाद विद्यालय पहुंचे, तो 1378 शिक्षक विद्यालय कैंपस के बाहर से ऑनलाइन हाजिरी दर्ज किये थे. यानी पांच अप्रैल की रिपोर्ट के अनुसार अगर प्रतिदिन कीप रिपोर्ट देखी जाये तो मात्र 50 प्रतिशत गुरु जी ही समय से विद्यालय पहुंच रहे हैं, बानी शिक्षकों की आधी आवादी या तो छुट्टी पर रहती है या विद्यालय से गायब रहती है, जबकि कैंपस के
बाहर से हाजिरी लगाने वाले शिक्षकों की भी संख्या में कोई कमी नहीं हैं, गौरतलब है कि इ-शिक्षा कोष पर ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने में राज्य में कैमूर सबसे निचले पायदान पर है.
इधर, राज्य स्तर से जारी रिपोर्ट के बाद जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने इस पर संज्ञान लिया है व प्रतिदिन इ-शिक्षा कोष पर दर्ज ऑनलाइन उपस्थिति की रिपोर्ट की मॉनिटरिंग करने का आदेश
दिया गया है. इधर, डीएम के आदेश पर इ-शिक्षा कोष पर दर्ज ऑनलाइन उपस्थिति रिपोर्ट की मॉनिटरिंग से जिले के शिक्षकों के अजब गजब कारनामे का खुलासा हो रहा है.
समय के बाद पहुंचने वाले शिक्षकों का कटेगा वेतन
निर्धारित समय के बाद विद्यालय पहुंचने वाले शिक्षकों का एक दिन का वेतन कटेगा, तो वहीं बगैर सूचना के विद्यालय से गायब रहने वाले या लेट लतीफ विद्यालय पहुंचने वाले सभी शिक्षकों को चिह्नित करते हुए जवाब तलब किया जायेगा, तीन दिनों के अंदर जवाब नहीं देने पर संबंधित शिक्षकों पर कार्रवाई की जायेगी.
