बिहार के सरकारी शिक्षकों पर बरसे केंद्रीय मंत्री

 बिहार के सरकारी शिक्षकों पर बरसे केंद्रीय मंत्री


जिले के गया शहर स्थित एपी कॉलोनी में एक निजी स्कूल के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर तीखी टिप्पणी करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि वे लंबे समय से इस सिस्टम में सुधार की मांग कर रहे हैं.

सरकारी शिक्षकों को मांझी ने जोड़ा हाथ: जीतन राम मांझी सरकारी शिक्षकों से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि आप सजग हो जाइये. आप 60 हजार से सवा लाख रुपये तक वेतन लेते हैं, लेकिन आपके बच्चे (छात्र) उतना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त नहीं करते हैं जितना 25 से 30 हजार वेतन पाने वाले निजी स्कूलों के शिक्षक पढ़ाते हैं.
"प्राइवेट विद्यालय के तर्ज पर आप भी (सरकारी शिक्षक) बच्चों को पढ़ाइये. जनता आपको पूजेगी और हमलोग भी सब साथ देंगे. अभी स्थिति यही है कि सरकारी विद्यालय के मास्टर 12 बजे आते हैं और 3 बजे चले जाते हैं. सभी शिक्षक वैसै नहीं हैं, 10 प्रतिशत शिक्षक अच्छे भी हैं, लेकिन ज्यादार वैसे ही हैं."- जीतन राम मांझी, केंद्रीय मंत्री


बिहार सरकार को भी दी नसीहत: उन्होंने शिक्षकों को हिदायत देते हुए कहा कि आपलोगों को आत्ममंथन और सुधार की जरूरत है. साथ ही मांझी ने बिहार सरकार से भी अपील करते हुए कहा कि पिछले साल सरकार का बजट शिक्षा में सबसे ज्यादा था, उसका रिजल्ट भी आना चाहिए. सरकार को इसके लिए कोशिश करनी चाहिए. ये मेरी शिकायत नहीं सुझाव है कि एक तरफ प्राइवेट स्कूल के शिक्षक कम पैसे में अच्छा पढ़ा रहे और दूसरी तरफ सरकारी शिक्षक ज्यादा पैसे लेकर भी अच्छा नहीं पढ़ाते, इसे दुरुस्त कीजिए.


उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं को भारत सरकार का धन्यवाद देना चाहिए, क्योंकि एनडीए सरकार ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बनाए रखा है, अगर सरकार चाहती तो शायद इतनी आसानी से रिहाई नहीं होती.

गया: जिले के गया शहर स्थित एपी कॉलोनी में एक निजी स्कूल के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर तीखी टिप्पणी करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि वे लंबे समय से इस सिस्टम में सुधार की मांग कर रहे हैं.


सरकारी शिक्षकों को मांझी ने जोड़ा हाथ: जीतन राम मांझी सरकारी शिक्षकों से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि आप सजग हो जाइये. आप 60 हजार से सवा लाख रुपये तक वेतन लेते हैं, लेकिन आपके बच्चे (छात्र) उतना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त नहीं करते हैं जितना 25 से 30 हजार वेतन पाने वाले निजी स्कूलों के शिक्षक पढ़ाते हैं.



सरकारी शिक्षकों को मांझी ने जोड़ा हाथ (ETV Bharat)

"प्राइवेट विद्यालय के तर्ज पर आप भी (सरकारी शिक्षक) बच्चों को पढ़ाइये. जनता आपको पूजेगी और हमलोग भी सब साथ देंगे. अभी स्थिति यही है कि सरकारी विद्यालय के मास्टर 12 बजे आते हैं और 3 बजे चले जाते हैं. सभी शिक्षक वैसै नहीं हैं, 10 प्रतिशत शिक्षक अच्छे भी हैं, लेकिन ज्यादार वैसे ही हैं."- जीतन राम मांझी, केंद्रीय मंत्री


बिहार सरकार को भी दी नसीहत: उन्होंने शिक्षकों को हिदायत देते हुए कहा कि आपलोगों को आत्ममंथन और सुधार की जरूरत है. साथ ही मांझी ने बिहार सरकार से भी अपील करते हुए कहा कि पिछले साल सरकार का बजट शिक्षा में सबसे ज्यादा था, उसका रिजल्ट भी आना चाहिए. सरकार को इसके लिए कोशिश करनी चाहिए. ये मेरी शिकायत नहीं सुझाव है कि एक तरफ प्राइवेट स्कूल के शिक्षक कम पैसे में अच्छा पढ़ा रहे और दूसरी तरफ सरकारी शिक्षक ज्यादा पैसे लेकर भी अच्छा नहीं पढ़ाते, इसे दुरुस्त कीजिए.


ब्राह्मणवाद पर क्या बोले मांझी?: वहीं ब्राह्मणवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में मांझी ने स्पष्ट कहा कि ब्राह्मण एक जाति का विषय है, जबकि ब्राह्मणवाद एक विचारधारा है. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में जाति जन्म से नहीं, बल्कि कर्म के आधार पर तय होती थी. मांझी ने कहा वही ब्राह्मण पूज्य है, जो ब्रह्म को जानता है, लेकिन ब्राह्मणवाद के नाम पर आडंबर, छुआछूत और लोगों को मूर्ख बनाना गलत है और इसका विरोध होना चाहिए.

अरविंद केजरीवाल पर कसा तंज: अरविंद केजरीवाल से जुड़े सवाल पर मांझी ने कहा कि किसी पर राजनीतिक हमला करना गलत है, लेकिन यह भी सच्चाई है कि आरोपों के बाद चार्जशीट, गिरफ्तारी और जेल की प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी आधार पर हुई थी.

राज्यसभा की सीट पर दिया बयान: राज्यसभा सीटों के सवाल पर मांझी ने साफ किया कि वे नाराज नहीं हैं, लेकिन यह बात बार-बार याद दिलाते रहेंगे कि लोकसभा की दो और राज्यसभा की एक सीट का वादा किया गया था. लोकसभा की एक सीट मिलने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गया के मतदाताओं का आभार जताया. उन्होंने कहा कि राज्यसभा सीट हम मांगेंगे नहीं, देना है तो वचन के आधार पर दीजिए. नहीं देना है तो भी ठीक, लेकिन वादा तो वादा होता है.

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