Tax बचाना है? खेती की कमाई से PPF रिटर्न तक, भारत में ये हैं टैक्स-फ्री इनकम ऑप्शन्स
टैक्स प्लानिंग सभी टैक्सपेयर्स के लिए बेहद अहम है. आम सैलरीड कर्मचारी हो या किसान सभी के लिए कुछ टैक्स-फ्री इनकम विकल्प उपलब्ध हैं. अगर आप समझदारी से निवेश करें और नियम जान लें, तो कई तरह की आय पर आपको एक भी रुपया टैक्स नहीं देना पड़ेगा. आइए इनके बारे में जानते हैं.
खेती से होने वाली आय
भारत में खेती से हुई आय पूरी तरह टैक्स-फ्री है और इसकी कोई ऊपरी सीमा नहीं है. फसल बेचने, जमीन किराए पर देने या कृषि गतिविधियों से होने वाली कमाई पर टैक्स नहीं लगता.
हालांकि नियम यह कहते हैं कि अगर कृषि आय 5,000 रुपये से ज्यादा है और आपकी कुल आय बेसिक छूट सीमा पार करती है, तो इसे टैक्स रेट तय करने में जोड़ा जा सकता है. इसे पार्शियल इंटीग्रेशन कहा जाता है.
EPF निकासी
अगर आपने लगातार 5 साल या उससे ज्यादा नौकरी की है, तो EPF से निकासी पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है. निकासी में कर्मचारी का योगदान, नियोक्ता का हिस्सा और उस पर मिला ब्याज सभी टैक्स से मुक्त होते हैं.
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) रिटर्न
PPF एक लंबी अवधि की सुरक्षित बचत योजना है. इस समय इस पर 7.1% ब्याज मिल रहा है. इसमें:
हर साल 1.5 लाख रुपये तक निवेश पर 80C में कटौती
ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री
मैच्योरिटी अमाउंट भी टैक्स-फ्री
यह EEE (Exempt-Exempt-Exempt) मॉडल पर काम करता है यानी निवेश, ब्याज और निकासी तीनों पर टैक्स छूट.
विरासत और वसीयत से मिली संपत्ति
भारत में विरासत टैक्स नहीं है. वसीयत या विरासत में मिली संपत्ति पूरी तरह टैक्स-फ्री है. लेकिन ध्यान दें कि उस संपत्ति से भविष्य में होने वाली आय, जैसे ब्याज या डिविडेंड, टैक्सेबल होगी.
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) रिटर्न
बेटी के भविष्य के लिए बनाई गई यह योजना टैक्स बचत का बेहतरीन साधन है. इसमें:
1.5 लाख रुपये तक निवेश पर 80C छूट
ब्याज टैक्स-फ्री
मैच्योरिटी अमाउंट टैक्स-फ्री
यह भी EEE मॉडल पर आधारित है.
टैक्स-फ्री बॉन्ड
सरकार समर्थित संस्थाओं द्वारा जारी टैक्स-फ्री बॉन्ड से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स से मुक्त होता है. ये लंबी अवधि के निवेशकों के लिए स्थिर आय का विकल्प होते हैं.
ग्रेच्युटी
सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी पूरी तरह टैक्स-फ्री है. प्राइवेट कर्मचारियों के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की छूट उपलब्ध है, जो आयकर नियमों के अनुसार तय होती है.
स्कॉलरशिप
शिक्षा के उद्देश्य से मिलने वाली स्कॉलरशिप 100% टैक्स-फ्री है. चाहे वह सरकारी हो या निजी संस्था की जब तक वह पढ़ाई के लिए है, उस पर टैक्स नहीं लगेगा.
रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट
माता-पिता, पति/पत्नी, भाई-बहन जैसे निर्दिष्ट रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं है. वहीं गैर-रिश्तेदार से मिले गिफ्ट पर 50,000 रुपये सालाना तक छूट है. इससे ज्यादा होने पर पूरी रकम टैक्सेबल हो जाती है.
