दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीचर बनीं रूबल
मुंबई की रूबल नागी इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में उन्हें प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल टीचर पुरस्कार से नवाजा गया है। रूबल लगभग तीन दशकों से वंचित बच्चों को पढ़ा रही हैं। उनका पढ़ाने का तरीका बेहद अलग है। वो कला, पेंटिंग और म्यूरल के जरिए बच्चों को पाठ पढ़ाती हैं। दुबई में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्हें लगभग नौ करोड़ का पुरस्कार मिला है। अपने इस सफर को लेकर रूबल ने कहा कि मेरी यात्रा 27 साल पहले शुरू हुई थी, जब एक कला वर्कशॉप के दौरान मेरी मुलाकात एक ऐसे बच्चे से हुई, जिसने अपने जीवन में कभी स्कूल का चेहरा नहीं देखा था। अब कला के जरिये वो बहुत कुछ सीखने लगा था। उस दिन रूबल को लगा कि वो समाज के उस वर्ग के लिए काम करेंगी, जिनके पास कोई नहीं जाता। जिनके पास पढ़ने और आगे बढ़ने का कोई साधन नहीं है। रूबल मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों के लिए सेंटर चलाती हैं, जिसके पूरे देश में 800 से अधिक केंद्र हैं। यहां वो कला और संस्कृति के जरिये बच्चों को शिक्षा दे रही हैं।
