शिक्षकों और कर्मचारियों की छुट्टी की नई व्यवस्था, अगले माह से समर्थ पोर्टल से मिलेगा अवकाश
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए छुट्टी की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय के पीजी विभागों और सभी अंगीभूत कॉलेजों के शिक्षकों व कर्मियों को अब अगले माह से समर्थ पोर्टल के माध्यम से अवकाश मिलेगा। विश्वविद्यालय ने समर्थ के लीव मॉड्यूल का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
इससे पहले विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी अंगीभूत कॉलेजों के समर्थ इंचार्ज एवं संबंधित कर्मियों की बैठक बुलाकर पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी थी। इसके साथ ही जिन कॉलेजों ने आवश्यक डाटा उपलब्ध कराया है, उन्हें ई-मेल के माध्यम से यूजर आईडी और पासवर्ड भी भेज दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय ने जारी किया वीडियो
शिक्षकों और कर्मचारियों को पोर्टल की प्रक्रिया समझाने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया है। इस वीडियो में छुट्टी के लिए आवेदन करने, स्वीकृति की प्रक्रिया, तथा शेष अवकाश की जानकारी देखने सहित सभी तकनीकी स्टेप को सरल तरीके से समझाया गया है।
विश्वविद्यालय में समर्थ पोर्टल के विभिन्न मॉड्यूल को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। समर्थ के नोडल इंचार्ज प्रो. राम कुमार ने बताया कि लीव मॉड्यूल जल्द ही पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा, जिससे अवकाश प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन हो सकेगी।
नए सत्र से नामांकन भी समर्थ पोर्टल से
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र से नामांकन की प्रक्रिया भी समर्थ पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार सत्र 2026–30 में होने वाले नामांकन में यह व्यवस्था लागू होगी। विश्वविद्यालय ने इसके लिए सहमति दे दी है।
एक प्लेटफॉर्म पर होगा डाटा
समर्थ पोर्टल लागू होने के बाद विद्यार्थियों से संबंधित पूरा डाटा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में नामांकन, परीक्षा और परिणाम एक ही पोर्टल से जारी किए जाएंगे। अब तक विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से अलग-अलग विश्वविद्यालयों में नामांकन होता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत इसे वोकेशनल, पीजी और अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों में भी चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से विश्वविद्यालयों को आवश्यक कर्मी भी उपलब्ध कराए गए हैं।