शिक्षाकर्मियों के मुद्दों पर मुख्य सचिव की अगुवाई में गठित समिति से राहत की आस

शिक्षाकर्मियों के मुद्दों पर मुख्य सचिव की अगुवाई में गठित समिति से राहत की आस


राज्य में परीक्षाफल अनुदानित स्कूल- कॉलेजो के शिक्षक कर्मियो की उम्मीदों मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी से बंध गयी हैं।



वर्ष 2005 में बिहार की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने वित्तरहित शिक्षा नीति के तहत चल रहे माध्यमिक विद्यालयों, इंटरमीडिएट कॉलेजो एवं डिग्री कॉलेजो के लिए परीक्षाफल अनुदान की व्यवस्था लागू की। इस व्यवस्था के तहत अनुदान की राशि मे संबंधित स्कूल-कॉलेजों को आंतरिक स्त्रोत से प्राप्त राशि का सत्तर फीसदी हिस्सा मिला कर शिक्षक कर्मियों को वेतन का भुगतान किया जाना है। लेकिन, किसी भी स्कूल-कॉलेज द्वारा आंतरिक स्त्रोत से प्राप्त राशि का सत्तर फीसदी हिस्सा मिला कर शिक्षक - कर्मियों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। संबद्ध डिग्री कॉलेजो द्वारा समय से अनुदान राशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र नही सौंपे जाने के चलते आठ शैक्षिक सत्रों का परीक्षाफल आधारित अनुदान लंबित है। इसके मद्देनजर शिक्षक कर्मियो द्वारा परीक्षाफल अनुदानित स्कूल-कॉलेजो के अधिग्रहण-अंगीभूतिकरण या उन्हें घाटानुदान की श्रेणी में लाने की मांग की जा रही है। तर्क यह है कि वर्तमान में जितनी राशि राज्य सरकार द्वारापरीक्षाफल आधारित अनुदान मद मे दी जा रही है, उसमें अगर थोड़ी राशि और मिला दी जाय, तो शिक्षक कर्मियों को पूर्ण वेतन का भुगतान हो जायेगा।



नतीजतन, परीक्षाफल आधारित स्कूल-कॉलेजो की समस्याओं पर विचार के लिए गत बिहार विधान सभा चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू होने के पहले परीक्षाफल अनुदानित स्कूल- कॉलेजो के मामले में राज्य सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता मे नौ सदस्यीय कमेटी गठित की थी। लेकिन, गठन के बाद आदर्श आचार संहिता लागू होने की वजह से कमेटी बैठ नही पायी। शिक्षक - कर्मियो की उम्मीद थी कि सरकार के गठन के बाद कमेटी बैठेगी। इस बीच शिक्षा विभाग भी दो हिस्से में बंट गया। इसके तहत उच्च शिक्षा पृथक विभाग बना। उच्च शिक्षा के अलग विभाग बनने से संबद्ध डिग्री कॉलेजो के शिक्षक कर्मियो में नवगठित विभाग से उम्मीद जग गयी।



इस बीच शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शुक्रवार को बिहार विधान परिषद की कार्यवाही प्रारंभ होते ही सभापति के माध्यम से मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय कमेटी की बैठक एक सप्ताह मे बुलाने की घोषणा की। इससे शिक्षक- कर्मियो की उम्मीदो मे जान आ गयी है।


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