खेल शिक्षक नहीं, फिर भी सामग्री खरीदने का आदेश
सूबे के सरकारी स्कूलों में एक तरफ खेल शिक्षकों की कमी है, तो दूसरी तरफ खेल उपकरण खरीदने का आदेश दिया जा रहा है। 76 हजार स्कूलों में से करीब 70 हजार में खेल शिक्षक ही नही हैं। बावजूद इसके शिक्षा विभाग ने हर स्कूलों में खेल सामग्री खरीदने के निर्देश जारी कर दिए हैं। खेल सामग्री खरीदे जाने के बाद इन बच्चों को कौन खेलना सिखाएगा, यह तय नही है।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से हर प्राथमिक स्कूल मे ं पांच हजार, मध्य विद्यालय में 10 हजार और माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयो में 25 हजार की राशि से खेल किट खरीदी जाएगी। राज्य में प्राथमिक विद्यालयों की ही संख्या ही 39 हजार है। एसे में 19 करोड़ 50 लाख से खेल किट की खरीदारी होगी।
90 प्रतिशत से ज्यादा स्कूल सुविधा से वंचित
राज्य मे महज 6320 स्कूलों में ही खेल शिक्षक हैं। यानी 90 फीसदी से ज्यादा स्कूल इस सुविधा से वंचित हैं। इसके बावजूद हर साल करोड़ों रुपये की खेल सामग्री खरीदी जाती है। खेल सामग्री में चेस, सॉकर कोन, फुटबॉल, फ्रिसबी जैसी सामग्री दी जाएगी, पर शिक्षक नही होने से इन्हें कैसे खेलना है। इसे बताने वाला ही कोई नही है।
