स्थानांतरित शिक्षकों को मिला एक और मौका
सूबे के 1228 शिक्षकों ने स्थानांतरण के बाद भी स्कूलों में योगदान नही दिया है। स्थानांतरित शिक्षकों को योगदान करने के लिए सात फरवरी तक का एक और मौका मिला है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने इसको लेकर सभी जिले के डीईओ को निर्देश दिया है। प्रारंभिक से लेकर प्लस-2 स्कूलों के लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर स्थानांतरण चाहने वाले शिक्षकों से पांच-पांच प्रखंड का विकल्प मांगा गया था। 27,171 शिक्षकों से यह विकल्प मांगा गया था। इनमें 926 शिक्षकों को स्कूल आवंटित किया गया। जिन शिक्षकों को स्कूल मिला, उसमे 21,700 ने संबंधित विद्यालयो में योगदान दिया है।
वहीं 1228 शिक्षकों ने योगदान नही दिया है। विभाग ने इन्हें सात फरवरी तक का योगदान का एक और अवसर दिया है। पांच हजार शिक्षक प्रखंड आवंटन के बाद स्कूल के इंतजार में : सूबे के पांच हजार शिक्षक अब भी एसे हैं, जिन्हें स्थानांतरण के लिए संबंधित जिला तो आवंटित हो गया। पांच प्रखंड का विकल्प भी ले लिया गया, मगर अब तक इन्हें स्कूल नही मिला है। ये शिक्षक अब भी इंतजार मे हैं। जिले में 1481 शिक्षकों को स्कूल आवंटित किया गया है। इसमें कक्षा एक से पांच के सबसे अधिक शिक्षक हैं। जिले में लगभग 80 फीसदी शिक्षकों ने स्कूल में योगदान दे दिया है। डीईओ ने कहा कि योगदान के समय संबंधित स्कूल के हेडमास्टर को स्कूल आवंटन की प्रमाणिकता को जांच लेना है।
