कैंसर पीड़ित व दिव्यांग की जगह सामान्य शिक्षकों का स्थानांतरण

 कैंसर पीड़ित व दिव्यांग की जगह सामान्य शिक्षकों का स्थानांतरण






जिले में शिक्षकों के स्थानांतरण में बीमार और दिव्यांग शिक्षकों के साथ बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होने की शिकायतें आ रही हैं. जिले के स्कूलों में निर्धारित डेढ़ हजार से अधिक रिक्त सीटों पर वैसे शिक्षकों को स्थानांतरण किया गया, जो दूसरे जिले से आते हैं. जबकि शिक्षा विभाग का स्पष्ट आदेश था कि सबसे पहले जिले में कार्यरत वैसे शिक्षकों को उनके घर के नजदीक वाले स्कूलों में स्थानांतरण किया जायेगा जो गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं और जिनकी दिव्यांगता 45 प्रतिशत से अधिक है. इसके बाद ही सामान्य शिक्षकों का स्थानांतरण होगा. जिला शिक्षा कार्यालय स्तर पर गंभीर बीमारी वाले 288 शिक्षकों की सूची तैयारी की गयी थी. इस सूची में क्रिटिकल इलनेस शिक्षकों की संख्या 149, दिव्यांग 85, कैंसर पीड़ित 22 और आटिज्म के 22 शिक्षक शामिल हैं. सूची के अनुसार इसमें से किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण नहीं किया गया है. जिला शिक्षा कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षकों

का स्थानांतरण संबंधी निर्णय जिला समाहरणालय स्तर पर लिया गया है और वहीं से शिक्षकों को प्रखंड और स्कूल आवंटित किया गया है. समाहरणालय स्तर पर ही गंभीर बीमारी और दिव्यांग शिक्षकों स्थानांतरण कि लिए कमेटी गठित की गयी थी. कमेटी की नजर में सूची में शामिल एक भी शिक्षक न तो गंभीर बीमारी ग्रसित मिला और न ही दिव्यांग शिक्षक मिला. इनकी जगह पर दूसरे जिले से आने वाले सामान्य शिक्षकों को स्थानांतरण कर दिया गया. इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत रंजन ने कहा कि शिक्षकों का स्थानांतरण संबंधी निर्णय जिला समाहरणालय स्तर पर लिया गया है और वहीं सूची तैयार कर शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा रहा है.

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