*बीपीएससी टीचर्स एसोसिएशन के जिला इकाई का गठन।*
आज बीपीएससी टीचर्स एसोसिएशन के जिला इकाई की बैठक मुजफ्फरपुर L S कॉलेज मैदान में सुबह 11 बजे से हुई जिसमें जिला कोर कमिटी तथा जिला कमिटी का गठन किया गया।
बीपीएससी टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ अशोक क्रान्ति ने बताया कि आज की बैठक में कुल 15 प्रस्तावों को भी सर्व सम्मति से पास कर राज्य कमेटी के पास भेजा गया जो संघ के माध्यम से मांगपत्र के रूप में बिहार सरकार को भेजा जाएगा। इन प्रस्तावों में *पहला - आठवां वेतन आयोग की अनुशंसा लागू होने से पूर्व सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा को लागू करते हुए वेतनमान का लाभ अतिशीघ्र प्रदान किया जाए और पे मैट्रिक्स लेवल तुरंत निर्धारित हो।*
*दूसरा - पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत पेंशन देने की घोषणा इसी वित्तीय बजट के माध्यम से तय कर दिया जाए।*
*तीसरा - सभी दिव्यांग शिक्षकों को उनके आवास से 5 किलोमीटर की दूरी के अंदर के विद्यालय में त्वरित स्थानांतरित किया जाए। इन्हें महीना में 2 दिनों का विशेष अवकाश प्रदान किया जाए और निदेशक, प्रशासन सह अपर मुख्य सचिव (शिक्षा विभाग) द्वारा निर्गत पत्रांक- 2453 दिनांक- 19/11/2024 के आलोक में सभी दिव्यांग शिक्षकों को मासिक परिवहन भत्ता एवं वाचक भत्ता प्रदान करने संबंधित नियम का कराई से अनुपालन हो। इनके लिए तथा महिलाओं के लिए जिला मुख्यालय से सभी प्रखंड मुख्यालयों तक विशेष सरकारी परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए।*
*चौथा - उच्च माध्यमिक (+2) शिक्षकों के पद को प्रवक्ता/व्याख्याता का दर्जा अविलंब प्रदान किया जाए एवं उन्हें वरीयता के आधार पर प्राचार्य (principal) के पद पर प्रोमोशन दिया जाए।*
*पांचवां - सभी कोटि के शिक्षकों को विद्यालय से बाहर/प्रतिनियुक्ति कार्य के लिए यात्रा भत्ता प्रदान किया जाए।*
*छठा - किसी भी शिक्षक का सेवाकाल में मृत्यु हो जाने पर उनके परिवार को तत्काल 20 लाख रुपए की की सहायता राशि 72 घंटों में मिले और 50 लाख का बीमा, एवं उनके आश्रितों को 25 लाख तक का कैशलेश इलाज कार्ड मुहैया कराया जाय।*
*सातवां - अन्य राज्यकर्मी की तरह शिक्षकों को भी साल में 30 अर्जित अवकाश मिले।आठवां - विश्वविद्यालय में पढ़ा रहे प्रोफेसरों की भांति अपनी गुणवत्ता बढ़ाने हेतु शोध कार्यार्थ सेमिनार/कांफ्रेंस में सम्मिलित होने के लिए अवसर की समानता के आधार पर विशेष आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जाए।*
*नौवां - किशोर बच्चों को पढ़ाने वाले +2 शिक्षकों एवं अन्य शिक्षकों को भी आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन द्वारा पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने का गाइडलाइन जारी हो एवं इसके संबंध में आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर क्रियान्वित हो।*
*दसवां . सभी शिक्षकों की सेनानिवृत्ति आयु प्राध्यापकों की तरह 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष शीघ्र किया जाए।*
*ग्यारहवां . बिहार के बाहर से आए सेवारत्त शिक्षकों के समुचित आवासन की व्यवस्था प्रत्येक प्रखंड मुख्यालय में किया जाए।*
*बारहवां - पूर्व में अपनी सेवा प्रदान कर चुके सभी संविदा कर्मी +2 अतिथि शिक्षकों एवं नियोजित शिक्षकों को जो बीपीएससी से चयनित होकर शिक्षक बने हैं, सेवा निरंतरता के साथ वित्तीय उन्नयन का लाभ तुरंत प्रदान किया जाए।*
*तेरहवां - सभी कोटि के शिक्षकों के लंबित बकाया एरियर का भुगतान एवं समस्या समाधान विशेष कैंप लगाकर 72 घंटों के अंदर कराया जाए।*
*चौदहवां - समस्त बीपीएससी प्रधानाध्यपकों, प्रधान शिक्षकों एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय अध्यापकों के पद को "राजपत्रित पद" के रूप में पुनर्गठित किया जाए।*
*पंद्रहवां - सभी कोटि के शिक्षकों, पुस्तकालयाध्यक्षों एवं प्रधानाध्यापकों के वार्षिक वेतन वृद्धि दर को तीन प्रतिशत से बढ़ाकर पांच प्रतिशत किया जाए।*
*सोलहवां - नव नियुक्त विद्यालय अध्यापकों का परिवीक्षा अवधि (Probation Period) दो वर्ष से घटाकर (अन्य विभाग के राज्यकर्मियों की भांति) एक वर्ष किया जाए।*
डॉ क्रान्ति ने कहा कि बीपीएससी शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग के रिपोर्ट के अनुरूप वेतनमान मिले, OPS के अनुसार पेंशन लागू हो तथा बीपीएससी शिक्षकों को वरीयता मिले।
इन तीन मांगों को अक्षरशः लागू कराने के लिए बीपीएससी टीचर्स एसोसिएशन सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ाई लड़ेगी जिसकी रूप रेखा तय की जा रही है।
नव मनोनीत जिलाध्यक्ष राहुल कुमार रंजन ने कहा कि के के पाठक जब शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव थे उस समय एक पत्र निकाला गया था जिसके अनुसार बीपीएससी शिक्षकों को वरीयता हासिल थी लेकिन पिछले दिनों शिक्षा विभाग ने पुनः एक पत्र निकाल कर विशिष्ट शिक्षकों को वरीयता दी है जो कि सरकार द्वारा बीपीएससी शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रथम चरण की नियुक्ति के समय से ही बीपीएससी शिक्षकों के हित में *बीपीएससी टीचर्स एसोसिएशन* मुखर रही है। प्रोबेशन के दौरान ही बीपीएससी शिक्षकों का स्थानांतरण हुआ जिसमें डॉ अशोक क्रान्ति और बीपीएससी टीचर्स एसोसिएशन की प्रमुख भूमिका रही है इसे सभी बीपीएससी शिक्षक भली भांति अवगत हैं। इन्होंने बताया कि अगली लड़ाई सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बीपीएससी शिक्षकों को वेतनमान दिलाने की है। यह लड़ाई सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ी जाएगी। पिछले विधानसभा सत्र के दौरान भी बीपीएससी शिक्षकों को वेतनमान देने का मामला सदन के अंदर उठा था लेकिन सरकार की कोई मंशा वेतनमान देने की नहीं है। इसके लिए सभी बीपीएससी शिक्षकों को एकजुट करने की दिशा में ही मुजफ्फरपुर की यह मीटिंग आयोजित की गई जिसमें सैकड़ों की संख्या में बीपीएससी शिक्षक जुटें।
जिला कमेटी में जिलाध्यक्ष राहुल कुमार रंजन, उपाध्यक्ष रविशंकर सिंह, सचिव अमित सिंह, महासचिव शिवम कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष मोहम्मद इंतेखाब, मीडिया प्रभारी करण कुमार, सह मीडिया प्रभारी मुनचुन पासवान, सोशल मीडिया प्रभारी गौरव कुमार को बनाया गया तथा कोर कमेटी में
सुभाष कुमार, सत्यम कुमार, मोहम्मद अमीरुल्लाह, अश्वंत कुमार, अशुतोष आनंद, रिजवान अहमद, विजय तनवर, विशाल कुमार, प्रमोद कुमार, सारिका सिन्हा, राहुल कुमार को शामिल किया गया। मीटिंग संयोजन सुभाष कुमार ने किया तथा प्रबंधन मुकुल चौधरी का रहा।
