वेतन संरक्षण को लेकर असमंजस में विद्यालय अध्यापक, अभी तक शुरू नहीं हुई कार्यवाही
बीपीएससी की परीक्षा पास कर विद्यालय अध्यापक के पद पर चयनित हुए पूर्व नियोजित शिक्षकों तथा बीपीएससी से नियुक्त प्रधान शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों को वेतन संरक्षण देने की घोषणा शिक्षा विभाग द्वारा की गयी है. इस संबंध में शिक्षा विभाग के सचिव की ओर से पिछले महीने पत्र भी निर्गत किया गया था, जिसमें इन श्रेणियों के शिक्षकों को वेतन संरक्षण का लाभ देने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था. पत्र जारी होने के बाद विभागीय स्तर पर कार्यवाही भी शुरू हुई. प्रधान शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों से बीइओ के माध्यम से सेवा से संबंधित अभिलेखों की मांग की गयी और उनके वेतन को शीघ्र अपडेट करने की बात कही गयी. इसके लिए जिला शिक्षा कार्यालय की स्थापना शाखा से पत्र जारी
कर सभी प्रखंडों के बीइओ को निर्देशित भी किया गया. कई प्रखंडों में संबंधित दस्तावेजों के संकलन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. लेकिन, इसी पत्र में शामिल विद्यालय अध्यापक बन चुके पूर्व नियोजित शिक्षकों के मामले में अब तक कोई अलग से सूचना या निर्देश जारी नहीं किया गया है. इससे संबंधित शिक्षक असमंजस की स्थिति में हैं. उनका कहना है कि जब विभागीय पत्र में स्पष्ट रूप से उन्हें भी वेतन संरक्षण का पात्र माना गया है, तो फिर कार्यवाही आंशिक रूप से क्यों की जा रही. संबंधित विद्यालय अध्यापकों को वेतन संरक्षण देने की प्रक्रिया क्यों शुरू नहीं की गयी. चुन्नी लाल राम, फुजैल अहमद समेत विद्यालय अध्यापक बने कई पूर्व नियोजित शिक्षकों का कहना है कि वेतन संरक्षण उनके लिए आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है. लंबे समय तक प्रतीक्षा के बाद बीपीएससी की परीक्षा पास कर उन्हें विद्यालय अध्यापक का पद मिला. विभाग द्वारा विशिष्ट शिक्षकों की तरह उन्हें भी वेतन संरक्षण का लाभ देने की घोषणा कर दी गयी, लेकिन इसकी कार्यवाही में हो रही देरी से निराशा बढ़ रही है. साथ ही प्रत्येक महीने आर्थिक क्षति भी उठानी पड़ रही है. संबंधित शिक्षकों की मांग है कि विभाग द्वारा अविलंब संबंधित निर्देश जारी किया जाये और प्रधान शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों की तरह ही विद्यालय अध्यापकों से भी आवश्यक अभिलेख मंगाकर वेतन अपडेट की प्रक्रिया शुरू की जाये.
