डीपीओ समेत कई बीईओ और क्लर्क का वेतन रुका, शोकॉज
डीईओ ऑफिस में मंगलवार को पहली बार किसी जिला पदाधिकारी के द्वारा शिक्षकों की समस्याओं पर सुनवाई की गई। इस दौरान कलेक्ट्रेट स्थित हेल्प डेस्क व पूछताछ केन्द्र पर पूर्व में शिक्षकों द्वारा दिए गए 180 आवेदनों पर सुनवाई की गई। इस दौरान डीएम शशांक शुभंकर ने डीईओ ऑफिस की कार्यशैली पर कड़ी आपत्ति जताते हुए डीईओ-डीपीओ स्थापना को फटकार लगाई। साथ ही डीपीओ स्थापना समेत कई बीईओ व लिपिक पर कार्रवाई का निर्देश दिया। कई मामलों को जिला निगरानी धावा दल से जांच कराने को कहा। जांच में आरोप सही पाया गया तो संबंधित कर्मियों व पदाधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश
दिया गया। इस दौरान कई दिव्यांग व लाचार शिक्षक फरियाद लेकर पहुंचे थे। सुनवाई में शिक्षक स्वर्गीय रमेश कुमार के परिजन ने बताया कि सेवांत लाभ का मामला में चार माह से शिक्षा विभाग के डाक में पड़ा है। लेकिन उसे लिपिक के पास नहीं भेजा गया। इसपर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने डीपीओ स्थापना व क्लर्क प्रिय रंजन से शोकॉज कर वेतन पर रोक लगाने का निर्देश दिया। स्थापना शाखा के लिपिक अंगिरा का वेतन रोकते हुए कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही इस लिपिक को दूसरे प्रखंड में स्थानांतरण का निर्देश दिया गया। इस दौरान अन्य शिक्षकों के मामले में बीईओ बेलागंज, आमस व कोंच के विरूद्ध शोकॉज व वेतन बंद करने की कार्रवाई की गई। साथ ही अन्य कई क्लर्क का वेतन रोका गया।
