स्कूल परिसर में कुत्तों को खाना देने पर रोक
स्कूलों के परिसर में भटकते कुत्तों को अब भोजन नहीं दिया जाएगा और न ही मध्याह्न भोजन योजना के तहत संचालित किचन के ईद-गिर्द कुत्तों को मंडराने दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के एसपीएल आदेश के आलोक में विभाग द्वारा जारी एसओपी के अनुपालन में सख्ती शुरू हो गई है।
बच्चों की सुरक्षा व स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिक्षा विभाग ने मिड डे मील योजना के संचालन व रखराव के नियमों में अहम बदलाव किया है। नई मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) लागू होने के बाद स्कूल परिसरों में एमडीएम का जूठा छोड़ने, खुले में कचरा रखने और
भटकते कुत्तों को भोजन देने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस बावत स्थापना-सह-एमडीएम डीपीओ मनीष कुमार सिंह ने निर्देश जारी कर कहा है कि अब किसी भी स्कूल में बच्चों के भोजन के बाद अपशिष्ट भोजन खुला नहीं छोड़ा जाएगा। खाद्य अपशिष्ट को ढक्कनयुक्त बर्तन या फूड वेस्ट बिन में संग्रहित कर प्रतिदिन विद्यालय परिसर के बाहर निर्धारित स्थान पर निपटान करना अनिवार्य होगा। सुरक्षा के
मद्देनजर मध्याह्न भोजन योजना के तहत किचन के चारों ओर फेंसिंग, जाली या दरवाजे लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। मालूम हो कि फिलहाल जिले के सभी तरह के 1936 स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित है। स्थापना सह एमडीएम डीपीओ मनीष कुमार सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। सभी प्रधानाध्यापकों को स्वयं निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विद्यालय प्रधान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी?"
