बिहार के लाखों शिक्षकों को मिलेगा कटा हुआ वेतन! मोबाइल एप से हाजिरी नहीं बनने का मामला, शिक्षा विभाग ने शुरू की पहल

 बिहार के लाखों शिक्षकों को मिलेगा कटा हुआ वेतन! मोबाइल एप से हाजिरी नहीं बनने का मामला, शिक्षा विभाग ने शुरू की पहल



प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। सरकार के इस फैसले से शिक्षकों को लाभ होगा। मोबाइल से हाजिरी बनाने के दौरान जिनका वेतन कट गया था। हाजिरी नहीं बनने की वजह से वेतन कट गया था। अब वो वेतन शिक्षकों को मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। शिक्षा विभाग ने पहल शुरू कर दी है।

सूबे के लाखों शिक्षकों को कटा वेतन मिल जाने की उम्मीद है। तकनीकी कारणों से मोबाइल एप से हाजिरी नहीं बन पाने के चलते जिन शिक्षकों का वेतन काट लिया गया था, उन्हें उक्त कटा वेतन मिलने की संभावना बढ़ गई है। दरअसल, विधान परिषद में एक विधान पार्षद ने वेतन कटने से पीड़ित बिहार के लाखों शिक्षकों की ओर से आवाज उठाई थी। उन्होंने सरकार से कटा हुआ वेतन भुगतान करने की मांग की थी, जिसके आलोक में शिक्षा विभाग ने पहल शुरू की है।  विधान परिषद में उठा था मामला

विधान परिषद में पिछले दिनों सदस्य मुरारी मोहन झा ने शून्य काल के दौरान यह मामला उठाया था कि सूबे के बहुत सारे शिक्षकों के द्वारा ऐप पर हाजिरी बनाई गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से ऐप पर हाजिरी दर्ज नहीं हो सकी थी। इसके चलते उक्त दिन का वेतन काट लिया गया था। विधान पार्षद जहां ने सरकार से शिक्षकों का कटा हुआ वेतन वापस करने की मांग की थी। इसके आलोक में प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने सूबे के सभी डीईओ और डीपीओ (स्थापना) को भुगतान की दिशा में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है।


भौतिक उपस्थिति के आधार पर भुगतान

विधान पार्षद झा ने शिक्षकों के कटे हुए वेतन का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि राज्य में कार्यरत शिक्षकों की हाजिरी मोबाइल ऐप से हो जाने पर भी कई बार तकनीकी कारणों से हाजिरी नहीं बन पाती है और वेतन कट जाता है। ऐसे शिक्षकों का कटा हुआ वेतन वापस करने और भौतिक उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान सुनिश्चित की जाए। शिक्षा विभाग के पास यह मामला पहुंचने पर प्राथमिक शिक्षा की निदेशक साहिला ने सभी डीईओ और डीपीओ (स्थापना) को ऐसे शिक्षकों से नियमानुसार स्पष्टीकरण/प्रमाण प्राप्त कर भौतिक उपस्थिति के आधार पर वेतन का भुगतान करने को कहा है। जो विशेष परिस्थिति में ही देय है

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