बांका में पीबीएल नहीं करने वाले 421 शिक्षकों पर गिरी ‘गाज’, विभाग ने 3 दिनों में मांगा जवाब
कक्षा छह से आठ तक के बच्चों में गणित और विज्ञान विषय की पाठ आधारित समझ विकसित करनी है। इसमें बच्चों की अभिरूचि के लिए हर विद्यालय को हर महीने प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग यानी पीबीएल गतिविधि का आयोजन करना है।
जिला के सभी आठ सौ मध्य विद्यालयों में इसके लिए पीबीएल के नामित शिक्षक हैं। लेकिन नवंबर में जिला के 421 विद्यालय के शिक्षकों ने इस काम को पूरा नहीं किया। राज्यस्तरीय समीक्षा में जिला की किरकिरी के बाद विभागीय अधिकारियों ने इसे सख्ती से लिया।
421 शिक्षकों से मांगा गया जवाब
इस काम को पूरा नहीं करने वाले या शुरू नहीं करने वाले सभी 421 शिक्षकों को स्पष्टीकरण जारी करते हुए अगले तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है। डीपीओ एसएसए राजकुमार राजू ने इन शिक्षकों को स्पष्टीकरण जारी किया है। साथ ही सभी शिक्षकों को इसे विभागीय आदेश की अवहेलना मानते हुए समानुपातिक वेतन क्यों नहीं काट लिया जाए, इसका जवाब मांगा गया है।
पत्र में कहा गया कि इससे साफ जाहिर होता है आपको विद्यालय के पठन-पाठन कार्य में रूचि नहीं है। इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों पर कार्रवाई के बाद जिला में हड़कंप मच गया है। शिक्षक इसे जल्द पूरा करने में जुट गए हैं।
पीबीएल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
साथ ही कई शिक्षक स्पष्टीकरण का साक्ष्य के साथ जवाब देने में जुट गए हैं। जिन शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछा गया है उसमें शौर्य कुमार, जुली कुमारी, खुशबू कुमारी,वीर महादेव ठाकुर, दुष्यंत कुमार, कुमारी मुक्ता, प्रदीप कुमार, गुड़िया कुमारी, रूबी कुमारी का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।
डीपीओ ने बताया कि पीबीएल में लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभी केवल स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसका जवाब आने पर संबंधित शिक्षकों की वेतन कटौती जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यू-डाइस अधूरा छोड़ने पर 125 प्रधानों के वेतन पर रोक
यू-डाइस का पोर्टल 14 दिसंबर को बंद हो जाना है। इसके बावजूद जिला के 125 विद्यालयों का काम अधूरा है। यू-डाइस का काम लंबित रखने वाले 125 विद्यालय प्रधानों को डीपीओ एसएसए ने स्पष्टीकरण जारी किया है। साथ उनका एक दिन के वेतन कटौती का आदेश जारी किया गया है।
डीपीओ ने सभी संबंधित विद्यालय के प्रधानों को उनके विद्यालय में लंबित डाटा की सूची भी जारी की है। डीपीओ ने कहा कि 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए यू-डाइस का ऑनलाइन काम 14 दिसंबर तक होना है। केवल तीन दिन का समय बचा होने के बावजूद 125 विद्यालयों ने पिछले महीने से ही काम को छोड़ रखा है।
कई आदेश के बाद भी इसकी संख्या शून्य नहीं की गई। इस कारण उनके नामांकन का गैप दिख रहा है। इस काम में लापरवाही पर संबंधित विद्यालय प्रधान का एक दिन का वेतन रोक दिया गया है। साथ ही 14 दिसंबर से पूर्व शत प्रतिशत काम पूरा नहीं होने पर संबंधित विद्यालय प्रधान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
