अविलंब वेतन निर्धारण करें बीईओ, वरना विभाग करेगा सख्त कार्रवाई

 बीईओ अविलंब वेतन का करें निर्धारण, नहीं तो होगी कार्रवाई


सासाराम, हिप्र। निगरानी विभाग के हत्थे चढ़ा बीडीईएमसी ऑपरेटर चंदन कुमार की गिरफ्तारी के बाद डीईओ मदन राय ने सभी बीईओ को अविलंब वेतन निर्धारन करने का निर्देश दिया है। कहा कि पूर्व में भी वेतन निर्धाण का कार्य ससमय करने का निर्देश दिया गया था। जो बीईओ वेतन निर्धारण में देरी करेंगे।

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उनपर कार्रवाई की जाएगी। कहा कि निगरानी के हत्थे चढ़े बीडीईएमसी ऑपरेटर को बर्खास्त

किया जाएगा। डीईओ ने बताया कि जो बीईओ वेतन निर्धारण में शिक्षकों को परेशान करते हैं। उसकी शिकायत शिक्षक जिला कार्यालय से कर सकते हैं। कहा कि शिक्षकों को डरने का आवश्यकता नही है। वे सीधे मुझसे कार्यालय में आकर शिकायत करें। वेतन निर्धारण के साथ अन्य कार्यों के लिए रिश्वत देने की आवश्यकता नही है। रिश्वत लेने के साथ रिश्वत देने वाले दोनों दोषी हैं। कहा कि शिकायत मिल रही है कि कुछ शिक्षकों से बीईओ द्वारा वेतन निर्धारण का


कार्य कराया जा रहा है। वैसे शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है। उनपर भी कार्रवाई की जाएगी। बताया जाता है कि शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाला विभाग ही बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में लिप्त है। विभाग में बड़े पैमाने

पर रिश्वतखोरी का खेल चल रहा है। प्रखंड कार्यालय से लेकर जिला शिक्षा विभाग तक में बगैर चढ़ावा के एक फाइल भी नहीं हिलता अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक इस रिश्वतखोरी के खेल में शामिल हैं। यहां सभी है। कामों का रेट फिक्स है। 50 रुपए से लेकर 50

हजार तक की रिश्वत शिक्षकों से मांगी जाती है। मातृत्व अवकाश, वेतन निर्धारण, एरियर, एलपीसी इन-आउट आदि काम बगैर चढ़ावे के नहीं होते हैं।

बीईओ कर रहे हैं वसूली: 

इन दिनों वेतन निर्धारण को लेकर सबसे ज्यादा शिक्षक परेशान हैं। वेतन निर्धारण को लेकर सभी प्रखंडों में मोटी रकम की वसूली बीईओ द्वारा अपने-अपने एजेंटों के माध्यम से कराई जा रही है। जो शिक्षक रिश्वत नहीं देते हैं, उन्हें परेशान किया जा रहा है। बताया जाता है कि बीईओ अपने-अपने स्तर से शिक्षक वबीआरसी में कार्यरत कर्मियों को एजेंट के रूप में रखे हैं। बीईओ के इशारे पर एजेंट द्वारा पैसे की डिमांड शिक्षकों से की जाती है।
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