प्रमंडल स्तर के सहायक शिक्षक सबसे वरीय होंगे
। शिक्षा विभाग ने विभिन्न कोटि के तहत नियुक्त शिक्षकों की वरीयता तय कर दी है। दो माह पूर्व गठित समिति की अनुशंसा के आधार पर शिक्षकों की वरीयता के संबंध में शिक्षा विभाग के सचिव दिनेश कुमार ने आदेश जारी किया है। इसके अनुसार माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रमंडलीय संवर्ग के सहायक शिक्षक (मरणशील संवर्ग) सबसे वरीय होंगे। प्रमंडलीय संवर्ग के शिक्षक स्थानीय निकाय शिक्षक (नियोजित शिक्षक), विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापक से वरीय माना जाएगा। इसी प्रकार प्राथमिक या मध्य विद्यालय में भी जिला संवर्ग के सहायक शिक्षक (मरणशील संवर्ग) पदस्थापित होंगे, उन्हें स्थानीय निकाय शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापक से वरीय माना जाएगा। प्रमंडलीय संवर्ग के सहायक शिक्षक पदस्थापित नहीं होने की स्थिति में विशिष्ट शिक्षक या स्थानीय निकाय शिक्षक के रूप में कम कम से आठ वर्ष तक कक्षा नौ और 10 में पढ़ाने का अनुभव वाले शिक्षक वरीय होंगे। कक्षा 11 और 12 में चार वर्ष तक पढ़ाने का अनुभव वाले शिक्षक वरीय होंगे। ऐसे शिक्षकों को माध्यमिक, उच्च माध्यमिक और विद्यालय अध्यापक को विद्यालय के प्रधानाध्यापक का प्रभार दिया जाएगा। एक ही विद्यालय में ऐसे एक से अधिक शिक्षक होने की स्थिति में जन्मतिथि में जो वरीय होंगे, उन्हें वरीय मानते हुए प्रधानाध्यापक का प्रभार दिया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय में जिला संवर्ग के सहायक शिक्षक (मरणशील संवर्ग) नहीं होने की स्थिति में 2024 में प्रधान शिक्षक के पद पर सीधी नियुक्ति के लिए निर्धारित मापदंड के आधार पर शिक्षकों की वरीयता होगी। इसके अनुसार न्यूनतम आठ वर्ष पढ़ाने का अनुभव वाले वर्ग एक. से पांच के स्थानीय निकाय शिक्षक या विशिष्ट शिक्षक या विद्यालय अध्यापक को प्रभारी प्रधान शिक्षक बनाया जाएगा। मध्य विद्यालय में जिला संवर्ग के सहायक शिक्षक (मरणशील संवर्ग) पदस्थापित नहीं होने पर कम से कम चार वर्ष का पढ़ाने का अनुभव वाले कक्षा छह से आठ के स्थानीय निकाय शिक्षक या विशिष्ठ शिक्षक या विद्यालय अध्यापक को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया जाएगा।
