सात एचएम अनुपस्थिति जांच में मिले दोषी, शोकॉज

 सात एचएम अनुपस्थिति जांच में मिले दोषी, शोकॉज



मधुबनी, निज संवाददाता। जिले में शिक्षा विभाग ने कार्य अवधि में अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले प्रधानाध्यापकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। डीएम के आदेश पर की गई औचक जांच में कई प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय में मौजूद नहीं पाए गए। मॉनिटरिंग सेल द्वारा मोबाइल और व्हाट्सएप के जरिए लोकेशन तथा फोटो की मांग करने पर भी अधिकांश ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। कहीं फोन रिसीव नहीं हुआ, तो कहीं फोटो देर से भेजा गया। कई मामलों में शिक्षकों ने अवकाश का हवाला दिया, जबकि कहीं अधिकारियों से अशोभनीय ढंग से बातचीत करने तक की शिकायत दर्ज की गई है। डीईओ अक्षय कुमार पांडेय ने सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों से 24 घंटे के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने का निर्देश जारी किया है, अन्यथा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय है। पिछले दिन आरडीडीई मो. असगर अली ने भी यहां के स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर गहरी नाराजगी प्रकट की थी। इन्होंने स्पष्ट कहा कि स्कूलों में हालत काफी खराब है और अब सख्त कार्रवाई का वक्त आ गया है। इन्होंने अधिकारियों को भी बदतर हालत में सुधार का निर्देश दिया था। डीईओ अक्षय कुमार पांडेय ने बताया कि सभी चिह्नित एचएम से स्पष्टीकरण पूछा गया है। स्कूलों में बेहतर शिक्षा, शिक्षक व छात्र की उपस्थिति सहित सभी सुविधाओं को लेकर विभाग काफी संवेदनशील है और लापरवाही करने वाले नहीं बख्शे जायेंगे।

डीईओ अक्षय कुमार पांडेय ने सभी दोषी प्रधानाध्यापकों को 24 घंटे में साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि समय पर जवाब नहीं मिला तो यह माना जाएगा कि संबंधित शिक्षक के पास कहने को कुछ नहीं है और फिर उनके

खिलाफ विभागीय और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

मॉनिटरिंग सेल ने मोबाइल और व्हाट्सएप के जरिए लोकेशन और फोटो की मांग की थी। लेकिन मो फिरोज ने केवल मौखिक उपस्थिति बताई, फोटो नहीं भेजा। मो मुस्तफा ने बीएलओ कार्य का हवाला देकर फोटो भेजने से इनकार कर दिया और अधिकारियों से आईडी कार्ड मांगा। संजय कुमार ने न तो कॉल रिसीव किया और न ही फोटो भेजा। राकेश कुमार रौशन ने काफी विलंब से फोटो भेजा। राम भजनने अवकाश का हवाला दिया लेकिन कोई साक्ष्य नहीं दिया।
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