विभागीय कार्रवाई के अधीन रखते हुए निलंबन मुक्ति पर उठ रहे सवाल
जिला शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों को किये गये निलंबन के उपरांत मुक्त किये जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठना शुरू हो गया है. जिला शिक्षा विभाग की स्थापना शाखा द्वारा विभागीय कार्रवाई के अधीन रखते हुए आरोपी के आवेदन पर निलंबन मुक्त किये जाने के आदेश पर प्रश्न खड़े किये जा रहे हैं. बताते चलें कि डीपीओ स्थापना द्वारा आरएसबी इंटर विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक मनोज कुमार झा को नीट की आयोजित परीक्षा कार्य में केंद्राधीक्षक के पद पर रहते हुए जिला से बाहर कार्यरत तीन शिक्षकों को रखने के आरोप में जून के अंतिम सप्ताह में निलंबित कर दिया गया था. निलंबन के उपरांत विभागीय कार्रवाई के तहत इनका मुख्यालय बीआरसी विभूतिपुर निर्धारित किया गया. कार्रवाई की जांच व उपस्थापन के लिए डीपीओ एमडीएम व बीइओ को अधिकृत किया गया. जांच अभी शुरू भी नहीं हुई कि एक नाटकीय घटना क्रम में डीपीओ स्थापना ने श्री झा को निलंबनमुक्त करते हुए विद्यालय में योगदान का आदेश दिया गया. सूत्रों की मानें तो बिना जांच के निलंबनमुक्त करने का आदेश के पीछे के खेल की संभावना से
इनकार नहीं किया जा सकता है. जिला में दर्जनों शिक्षक कई एक महीने से निलंबन की मार झेल रहे हैं लेकिन अभी तक उन पर कोई प्रक्रिया शुरू भी नहीं हुई है. जबकि निलंबनमुक्ति को लेकर शिक्षक प्रतिदिन डीपीओ स्थापना कार्यालय का चक्कर लगाने पर मजबूर हैं. लेकिन श्री झा को करीब डेढ माह के भीतर ही योगदान का आदेश दिये जाने की चर्चा शिक्षकों की बीच होना स्वभाविक है.
डीपीओ स्थापना दे रहे विभागीय दिशा-निर्देश का हवालाः जानकारों की माने तो
जांच व उपस्थापन पदाधिकारी के रिपोर्ट व सहमति के बिना आरोपी शिक्षक को उसी विद्यालय में योगदान कराने का आदेश सही प्रतीत नहीं होता है. अमूमन निलंबित किये गये शिक्षक को आरोप स्थल से इतर मुख्यालय बनाकर भेजा जाता है. जिससे इविडेंस से छेड़छाड़ नहीं हो, लेकिन श्री झा को विभागीय कार्रवाई के अधीन रखते हुए आरोप स्थल पर ही योगदान कराना न्यायोचित नहीं है. अब देखना है कि जांच व संचालन पदाधिकारी इस पर कब विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ करते हैं. इस संबंध में डीपीओ स्थापना कुमार सत्यम ने बताया कि विभागीय दिशा-निर्देश के आलोक में निलंबनमुक्त किया गया है. कुछ शिक्षकों का कहना है कि डीपीओ स्थापना ने विभागीय दिशा-निर्देश की गलत व्याख्या करते हुए निलंबनमुक्त किया है.
