एचएम और सहायक शिक्षक के बीच मारपीट होते देख चार स्टूडेंट्स बेहोश
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरका मानशाही में एचएम सुरेंद्र राम व सहायक शिक्षक मनीष कुमार के बीच मारपीट देख नौवीं कक्षा के छात्र-छात्राएं बेहोश हो गए। अनामिका (16), अक्षिता (16), अनुष्का (12) व देवराज भट्ट (17) को आक्सीजन स्पोर्ट पर रखा गया। सेलाइन भी चढ़ाई गई। सीएचसी प्रभारी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि सभी बच्चों व सहायक शिक्षक मनीष कुमार को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। छात्रा अनामिका को सिर में चोट आई है। थानाध्यक्ष रामएकबाल प्रसाद ने बताया कि उन्हें इस बात की कोई सूचना नहीं दी गई है न ही कोई आवेदन दिया गया है। बताया गया कि शुक्रवार को प्रार्थना सत्र के बाद एचएम व सहायक शिक्षक के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया और मारपीट शुरू हो गई। हालांकि शिक्षक व अस्पताल में भर्ती बच्चों के बयान में
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विरोधाभास है। इलाजरत छात्रा अनामिका ने बताया कि सीनियर क्लास के कुछ छात्र ड्रेस कोड में नहीं आए थे। इसको लेकर सहायक शिक्षक मनीष सर बच्चों को बाहर धूप में खड़ा करा दिए। एचएम सर को बिना ड्रेस कोड वाले बच्चे को बाहर निकालने का दबाव बना रहे थे। इसी को लेकर दोनों में विवाद हो गया। एचएम सुरेंद्र राम ने बताया कि सहायक शिक्षक मनीष को प्रार्थना सत्र के बाद क्लास में जाने के लिए बोला गया। उसके बाद वह
जोर-जोर से चिल्लाने लगे। मेरे सिर पर छड़ी से प्रहार कर दिया। बच्चे यह दृश्य देखकर बेहोश होने लगे। शिक्षक छोटेलाल राम ने शिक्षकों के बीच मारपीट की पुष्टि की है। अस्पताल में भर्ती देवराज के पिता मधुराडीह निवासी अजय कुमार ने बताया कि स्कूल परिसर से सटे मोबाइल कम्पनी का टावर है। बच्चों के बेहोशी होने की यह तीसरी घटना है। कई लोगों ने बताया कि सहायक शिक्षक हमेशा विवादों के घेरे में रहते हैं
इधर, छुट्टी के विवाद में शिक्षक व प्रिंसिपल के बीच नोकझोंक
मुजफ्फरपुर नगर थाना क्षेत्र के मोतीझील स्थित बीबी कॉलेजिएट में शुक्रवार को छुट्टी के विवाद को लेकर स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षक के बीच नोकझोंक हो गई। इससे कुछ देर के लिए वहां पर अफरा तफरी मच गई। प्रिंसिपल की शिकायत के बाद मौके पर पहुंची नगर थाने की पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में लेकर अपने साथ थाने पर ले गई। फिलहाल उसे नगर थाने पर रखकर पूछताछ की जा रही है। वही मामला सामने आने के बाद हिरासत में लिए गए शिक्षक के समर्थन में प्लस टू शिक्षक संघ के महिला समेत दर्जनों पुरुष शिक्षक थाने पर पहुंच गए। इस दौरान नगर थानेदार से मुलाकात कर शिक्षक को निर्दोष बताते हुए जांच के बाद उचित कार्रवाई की मांग की। नगर थानेदार के आश्वासन पर सभी थाने से बाहर निकल गए। लेकिन देर शाम तक थाने के बाहर सभी जुटे रहे। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में प्रिंसिपल ने बताया कि उक्त शिक्षक बिना अवकाश के स्कूल से बाहर निकल गए। जब उन्हें बुलाकर इस संबंध में पूछताछ की गई तो वह उनसे ही उलझ गए। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को फोन कर इसकी शिकायत की। पुलिस की पूछताछ में शिक्षक ने बताया कि उन पर लगे सारे आरोप बेबुनियाद है। झूठा आरोप लगाकर उन्हें फंसाया गया है। इधर, नगर थानेदार ने बताया कि प्रिंसिपल के शिकायत के बाद शिक्षक को हिरासत में लिया गया है। इस संबंध में प्रिंसिपल ने थाने में आवेदन भी दिया है
