प्रार्थना सभा की फ़ोटो नहीं भेजने पर 5 स्कूलों के एचएम को शोकॉज, एक दिन का वेतन कटौती

 प्रार्थना सभा की फ़ोटो नहीं भेजने पर 5 स्कूलों के एचएम को शोकॉज, एक दिन का वेतन कटौती



शिक्षा विभाग के निर्देशों की अवहेलना करना जिले के 5 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों पर भारी पड़ गया है। इन विद्यालयों ने प्रतिदिन आयोजित प्रार्थना सभा की तस्वीरें समय पर विभागीय कंट्रोल एंड कमांड सेंटर को उपलब्ध नहीं कराई। इस लापरवाही के मामले में 5 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। विभाग ने राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में रोजाना प्रातःकालीन प्रार्थना सभा को अनिवार्य कर रखा है। साथ ही यह भी निर्धारित किया गया है कि विद्यालयों को सभा का फोटोग्राफ अक्षांश और देशांतर के साथ मुख्यालय को भेजना होगा। इसका उद्देश्य स्कूलों में अनुशासन, पारदर्शिता और शैक्षिक

वातावरण को मजबूत करना है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर फोटो नहीं भेजने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की जाएगी। 
डीईओ ने निकाला शुद्धिपत्र

डीईओ आनंद विजय ने मंगलवार को स्कूलों में तीज की छुट्टी होने के बावजूद प्रार्थना सभा की फ़ोटो नहीं भेजने पर 5 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से शोकॉज पूछते हुए 1 दिन की वेतन कटौती का आदेश जारी कर दिया था। इस आदेश के शिक्षा विभाग का पत्र वायरल होने के बाद बुधवार को डीईओ ने शुद्धि पत्र निकालते हुए स्पष्ट किया कि वेतन कटौती अलग-अलग तिथियों पर प्रार्थना सभा की फोटो नहीं भेजने को लेकर की गई है।

किस विद्यालय का किस दिन का वेतन कटौती


प्राथमिक विद्यालय कछियावां थरथरी - 21 अगस्त। प्राथमिक विद्यालय तकिया कला बिहारशरीफ - 21 अगस्त। उच्च माध्यमिक विद्यालय अरपा हिलसा - 12 अगस्त। प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय अस्थावां - 12 अगस्त। उमवि. शेखोपुर बिहारशरीफ - 12 अगस्त।

अवहेलना बर्दाश्त नहीं


जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मो. शाहनवाज ने बताया कि कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से लगातार संदेश भेजे जाने के बावजूद इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने समय पर तस्वीरें उपलब्ध नहीं कराईं। इस कारण उनसे दो दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि विभागीय निर्देशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कार्रवाई और प्रतिवेदन की मांग: प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन प्रधानाध्यापकों या प्रभारी शिक्षकों ने प्रार्थना सभा की तस्वीरें नहीं भेजीं, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि इस तरह की लापरवाही पाई गई तो दोषी शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।


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