स्कूल के शौचालय में 50 मिनट तक तड़पती रही छात्रा
पटना। चितकोहरा स्थित अमलाटोला कन्या मध्य विद्यालय में बुधवार को पांचवीं कक्षा की छात्रा की शौचालय में जलने से मौत हो गई। स्कूल की अन्य लड़कियों ने बताया कि छात्रा के जलने की सूचना छठी कक्षा की एक छात्रा ने दी। इसके बाद स्कूल में अफरातफरी मच गई। छात्राएं बाहर भागने लगीं। इधर, बाथरूम में उसका जला शरीर देख कोई भी वहां नहीं गया। लगभग 50 मिनट तक वह शौचालय में तड़पती रही। गर्दनीबाग पुलिस के पहुंचने पर आसपास के लोगों ने चादर और गमछा दिया, जिससे उसके शरीर को ढंका गया। पुलिस उसे ऑटो में रखकर पीएमसीएच ले गई। इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
छात्रा दमड़िया टोला की रहने वाली थी। उसके पिता सब्जी बेचते हैं और मां दूसरे के घरों में चौका-बर्तन करती है। जब घटना हुई तो उसके पिता सब्जी की दुकान पर थे, जबकि मां दूसरे के यहां झाड़ू-पोंछा करने गई थी। पड़ोसियों ने दोनौ को सूचना दी तो वे स्कूल पहुंचे तब तक पुलिस छात्रा को लेकर पीएमसीएच पहुंच चुकी थी। पिता नेबताया कि चार दिनों से उसकी तबीयत खराब थी, इसीलिए स्कूल नहीं गई थी।
आत्महत्या-हत्या दोनों पहलुओं पर हो रही जांच
पुलिस फिलहाल आत्महत्या और हत्या दोनों ही पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस को मौके से एक बोतल बरामद हुई है, जिसमें केरोसिन जैसा ज्वलनशील पदार्थ था। बताया जाता है कि छात्रा सुबह 9.30 बजे स्कूल पहुंची थी। करीब एक घंटे बाद 10.30 बजे छठी कक्षा की एक छात्रा बाथरूम गई तो वहां पांचवीं की छात्रा को जली अवस्था में देखा। इसके बाद वह शोर मचाने लगी। शोर सुनकर शिक्षक और काफी संख्या में छात्राएं वहां पहुंच गईं। उस समय प्राचार्य स्कूल में नहीं थीं। उन्हें भी तुरंत इसकी सूचना दी गई। इसके बाद आनन-फानन में जली हुई छात्रा को शौचालय से बाहर निकाला गया। तब तक वह 80 फीसदी तक जल चुकी थी। उसे एक ऑटो से पीएमसीएच ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान इमरजेंसी में उसने दम तोड़ दिया।
