पांच माह से 500 से अधिक शिक्षक बिना वेतन के
पांच महीने से 500 से अधिक शिक्षक बिना वेतन के नौकरी कर रहे हैं। किसी की दवा तो किसी के बच्चे की पढ़ाई बंद हो गई है।
रिक्ति से अधिक शिक्षकों के स्थानांतरण-पदस्थापन से यह मामला फंसा है। सक्षमता टू पास विशिष्ट शिक्षकों का यह मामला है। इन शिक्षकों का एचआरएमएस पोर्टल पर नाम ही नहीं ले रहा है। पोर्टल पर नाम डालते ही रद्द हो जा रहा है। रिक्ति से अधिक के लिए वित्त विभाग की ओर से लॉक लगा दिया गया है। मंगलवार को आक्रोशित शिक्षक शिक्षा कार्यालय पहुंचे। हालांकि, डीईओ से शिक्षकों की मुलाकात नहीं हो सकी।
शिक्षकों ने कहा कि सक्षमता-टू पास करने के बाद हमलोग स्कूल में योगदान कर चुके हैं, लेकिन विभाग के रिकार्ड में हम शिक्षक ही नहीं हैं। मार्च से ही वेतन भुगतान बंद है। अधिकारियों का
कहना है कि ट्रांसफर में सीट से अधिक शिक्षकों के आने के कारण ऐसी स्थिति बनी है। इसकी शिकायत एक शिक्षक ने पटना स्थित शिक्षा विभाग के टोल फ्री नंबर पर की तो वहां से सलाह दिया जा रहा है कि डीपीओ और डीईओ से बोलिये कि प्रक्रिया पूर्ण होने तक नियोजित शिक्षक वाला वेतन हीं हमें नियमित दिया जाए। प्राथमिक शिक्षक संघ ने इसे लेकर आंदोलन का निर्णय लिया है। कुछ शिक्षकों के बच्चे बाहर पढ़ते हैं, जिनका फीस नहीं दे पा रहे हैं। कुछ बीमार हैं, जो दवा नहीं खरीद पा रहे हैं।