बिना अभिभावकाें के सहमति पत्र के परिषदीय विद्यालयों का कर दिया विलय

 बिना अभिभावकाें के सहमति पत्र के परिषदीय विद्यालयों का कर दिया विलय

जिले मऊ मेें 50 से कम छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों को नजदीक के विद्यालयों को अभिभावकों की तरफ से सहमति पत्र न देने के बाद भी विलय करने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।




अन्य विद्यालयों को भी विलय करने का कार्य तेजी से चल रहा है। यह आरोप घोसी लोकसभा क्षेत्र से सपा सांसद राजीव राय ने लगाया है। सांसद ने अपर मुख्य सचिव, महानिदेशक स्कूल शिक्षा और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मऊ को पत्र भेजा है। बताया है कि जिले में 1208 परिषदीय विद्यालय हैं। शासन की तरफ से 50 से कम छात्र संख्या वाले 341 विद्यालयों को चिह्नित किया गया है। विभाग की तरफ से 215 परिषदीय विद्यालयों को नजदीक के विद्यालयों में विलय प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जबकि शेष विद्यालयों को विलय करने की प्रक्रिया चल रही है।


नियम के तहत विद्यालयों को विलय करने के पूर्व बच्चाें के अभिभावकों से सहमति पत्र लेना अनिवार्य किया गया है। विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के सभी अभिभावकों से सहमति पत्र मिलने पर ही विद्यालयों के विलय की प्रक्रिया पूरी करनी है। लेकिन घोसी सांसद के अनुसार नियम कानून को ताक पर रखकर परिषदीय विद्यालयों को बंद कर दूसरे विद्यालयों में विलय कर दिया गया है। संवाद


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