ACS सिद्धार्थ ने 6 हजार शिक्षकों को दी अंतिम मोहलत, अब तक नहीं किया है यह काम, तो जल्दी कर लें...वरना...

 ACS सिद्धार्थ ने 6 हजार शिक्षकों को दी अंतिम मोहलत, अब तक नहीं किया है यह काम, तो जल्दी कर लें...वरना...



बिहार के शिक्षा विभाग ने राज्यभर के ऐसे शिक्षकों को एक और मौका दिया है। जिन्होंने ट्रांसफर के बाद भी अब तक अपने नए स्कूलों में योगदान नहीं दिया है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, करीब 6 हजार शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने ट्रांसफर के बावजूद ज्वाइन नहीं किया। जिसके चलते उनका स्थानांतरण रद्द कर दिया गया था। अब उन्हें 26 जुलाई तक नए स्कूलों में योगदान देने का अंतिम अवसर दिया गया है। एसीएस एस सिद्धार्थ ने साफ किया है कि इसके बाद शिक्षकों को मौका नहीं दिया जाएगा। 

ट्रांसफर रिजेक्ट करने वालों को दोबारा मौका


शिक्षा विभाग के अनुसार, इन शिक्षकों ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से 'नॉट ज्वॉइनिंग' दर्ज कर अपना ट्रांसफर रिजेक्ट कर दिया था। इसका मुख्य कारण यह बताया गया कि उन्हें मनपसंद स्कूल नहीं मिला और नए स्कूल तक पहुंचने में परेशानी थी। अब विभाग ने साफ किया है कि यदि वे शिक्षक चाहें तो विभागीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से 'टिकट राइज' करके संशोधन करा सकते हैं और 26 जुलाई तक स्थानांतरित स्कूल में योगदान दे सकते हैं।

शिक्षकों ने दूरी और परिवहन को बताया वजह


कई शिक्षकों ने ट्रांसफर अस्वीकार करने के पीछे स्कूल की दूरी और आवाजाही की सुविधा की कमी को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि पटना के मोकामा, घोसवरी, बेलची और पंडारक जैसे इलाकों में पोस्टिंग मिली। जहां से घर की दूरी काफी अधिक है और सार्वजनिक परिवहन की भी सुविधा सीमित है। वहीं मुजफ्फरपुर, गया, हाजीपुर, जहानाबाद जैसे शहरों में मुख्य सड़क के पास स्कूल होने से आवागमन आसान होता।

अब तक 80 हजार शिक्षकों का हो चुका ट्रांसफर


दिसंबर 2024 में स्थानांतरण के लिए 1.90 लाख शिक्षकों ने आवेदन किया था। इनमें से 1.30 लाख शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की गई। जिसमें से करीब 80 हजार शिक्षक अब तक स्थानांतरित हो चुके हैं। इन शिक्षकों को 23 से 30 जून के बीच नए स्कूलों में योगदान देने का निर्देश था। लेकिन 6 हजार से अधिक शिक्षकों ने 30 जून से पहले ही ट्रांसफर अस्वीकार कर दिया था।

शिक्षा विभाग की अपील


माध्यमिक शिक्षा निदेशक दिनेश कुमार ने कहा कि जिन शिक्षकों ने ज्वाइन नहीं किया है। वे विभागीय कमांड सेंटर के जरिए टिकट राइज कर सुधार कर सकते हैं और 26 जुलाई तक अपने स्थानांतरित स्कूल में योगदान दें। यह उनके लिए अंतिम मौका होगा। बिहार सरकार अब स्पष्ट संकेत दे चुकी है कि स्थानांतरण प्रक्रिया में भाग लेने वाले शिक्षकों को तय सीमा में स्कूलों में योगदान देना अनिवार्य है, अन्यथा आगे कोई राहत नहीं मिलेगी।
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