हर माह 25 स्कूलों का निरीक्षण अनिवार्य
कटिहार जिले के सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता जांचने के लिए अब जिला स्तर के सभी वरीय पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय शैक्षणिक पदाधिकारी, बीईओ, बीआरपी और सीआरसी समन्वयक भी निरीक्षण में भाग लेंगे। शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार अब जिले के हर पदाधिकारी को महीने में कम से कम 25 विद्यालयों का औचक निरीक्षण करना अनिवार्य कर दिया गया है। निरीक्षण पूरी तरह गोपनीय रहेगा, जिसकी पूर्व सूचना संबंधित विद्यालय को नहीं दी जाएगी। निरीक्षण करने वालों में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), सभी बीईओ, बीआरपी, सीआरसी, समन्वयक, स्थापना शाखा के पदाधिकारी, यहां तक कि संविदा
कर्मियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी भी कर्मी द्वारा फर्जी या मनगढ़ंत रिपोर्ट दी जाती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
जिले के सभी शैक्षणिक व तकनीकी पदाधिकारियों को विद्यालय निरीक्षण की स्पष्ट जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक माह 25 औचक निरीक्षण सुनिश्चित किए जाएंगे। निरीक्षण रिपोर्ट की सत्यता की भी गहन समीक्षा होगी। यदि कोई भी रिपोर्ट भ्रामक पाई गई तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यह पहल विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने में मील का पत्थर साबित होगी। - राहुलचन्द्र चौधरी, डीईओ, कटिहार
