गलत उपस्थिति दर्ज पर 124 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा
शिक्षा विभाग का कारनामा रूकने का नाम नहीं ले रहा है। हर दिन नए नए मामले सामने आ रहे है। इसी कड़ी में यह सामने आया है कि शिक्षक ई-शिक्षा कोष में फर्जी तरीके से उपस्थिति बना रहे है। सदर प्रखंड के 124 शिक्षकों की पहचान हुई है। इन सभी से नियमानुसार स्पष्टीकरण की मांग की गई है।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) विष्णुकांत राय ने निर्गत पत्र में कहा है कि ई-शिक्षा कोष ऐप के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति बनायी जा रही है। साथ विद्यालय से प्रस्थान के बाद भी दर्ज करना है। ऐप में दर्ज फोटो की सुक्ष्मता के साथ जांच की गई है। जिसमें यह सामने आया है कि कई कार्य दिवस पर बिना विद्यालय आए ही फर्जी तरीके से पूर्व में खींची गई फोटो को ई-शिक्षा कोष में दर्ज कर दिया गया है। साथ ही कई कार्य दिवस पर मनमाने तरीके से उपस्थिति दर्ज नहीं किया गया है। निर्धारित कार्य अवधि के बाद विद्यालय में आगमन हो रहा है। साथ ही विद्यालय छोड़ते समय ई-शिक्षा कोष में उपस्थिति दर्ज नहीं की जा रही है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि कार्य में पूरी लापरवाही की जा रही है। पठन पाठन का कार्य नहीं कराया जा रहा है। डीपीओ ने जारी पत्र में कहा है कि इन तथ्यों से साफ हो रहा है कि एक शिक्षक के रूप में कर्तव्य का निर्वहन नहीं किया जा रहा है। बिना कार्य किए वेतन निकासी के आरोप में सेवामुक्त किया जाए। डीपीओ ने स्पष्टीकरण के जवाब के लिए तीन दिनों का समय दिया है। बता दें कि अधिकारी जब जांच में जाते थे। तब शिक्षक अनुपस्थिति नहीं पकड़ पाते थे।
परंतु ऐप के माध्यम से इन शिक्षकों की मनमानी आसानी से पकड़ आ रही है। वहीं दूसरी ओर ऐप के माध्यम से पकड़े गए शिक्षकों में एरा. के. आरवरा. नि. तिवारीपुर से बृजेश कुमार, इन्दु कुमारी, किशोर कुणाल, लवली दर्शनम, निगार अन्जूम, पवन कुमार, पूजा कुमारी, सरिता खातून शामिल है। वहीं एस.के. आर.उ.वि. तिवारीपुर से रम्भा कुमारी राय, संजीव कुमार यादव, शारदा, सिदेश्वर पान्डेय,, शोभा कुमारी,, श्याम लाल,, सोना यादव,, उर्मिला कुमारी, विजय शंकर ओझा का नाम शामिल है
