शिक्षकों के साथ छात्र-छात्राओं की बनेगी बायोमेट्रिक हाजिरी

 शिक्षकों के साथ छात्र-छात्राओं की बनेगी बायोमेट्रिक हाजिरी



शिक्षा विभाग द्वारा पहले स्कूली शिक्षकों की बायोमेट्रिक हाजिरी बनने की पहल की गई अब शिक्षकों के साथ-साथ सभी सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की भी बायोमेट्रिक हाजिरी लगेगी। इसकी तैयारी शिक्षा विभाग में शुरू कर दी है।


शिक्षा विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से स्कूली छात्र-छात्राओं की कक्षा में उपस्थिति बढ़ाने में मदद मिलेगी। जबकि शिक्षक शिक्षिकाओं की पहले से बायोमेट्रिक ई शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से लगाई जा रही है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने इसकी जानकारी शिक्षा की बात लाइव कार्यक्रम के माध्यम से दी है।


उन्होंने शिक्षा की बातः हर शनिवार" वाले अपने लाइव कार्यक्रम में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक शिक्षिकाओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा कोई सरकारी विद्यालय नहीं होगा, जहां उसमें पढ़ाए जाने वाले हरविषय और भाषा के शिक्षक नहीं होंगे। अगर किसी विद्यालय में किसी विषय के शिक्षक, नहीं होंगे, तो वहां उस विषय को पढ़ाने के लिए पड़ोस के विद्यालय के शिक्षक जाएंगे। इसके अलावा शिक्षा विभाग और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति एक साथ बैठक कर पंजीकरण से लेकर


सेंटअप परीक्षा तक कैलेंडर बनाएगा। कैलेंडर ऐसा होगा कि विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में में व्यवधान नहीं हो

प्रखंडों में खुलेंगे आवासीय करियर सेंटर

इसके साथ ही अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ सभी प्रखंडों में छात्र-छात्राओं के लिए आवासीय करियर सेंटर भी बहुत जल्द खोले जाएंगे. उनमें सरकारी स्कूलों के शिक्षक छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करेंगे। इसी तरह सृजनात्मक लेखन कौशल विकसित करने हेतु सरकारी विद्यालयों में पहली से पांचवीं, छठी से आठवीं एवं नौवीं से 11 वीं कक्षा के छात्र- छात्राओं के लिए मासिक पत्रिका का प्रकाशन होगा।

प्राइवेट कोचिंग संस्थानों में पढ़ाते सरकारी शिक्षक दिखे तो होगी कार्रवाई

अपर मुख्य सचिव डॉ सिद्धार्थ ने कहा कि अगर सरकारी शिक्षक कोचिंग में पढ़ाते दिखे, तो उन पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि पहली से पांचवीं, छठी से आठवीं एवं नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए प्रकाशित की जाने वाली मासिक पत्रिका, नियमित रूप से हर माह प्रत्येक विद्यालय की लाइब्रेरी में रहेगी उसे छात्र-छात्रा तो पढ़ेंगे ही, शिक्षक भी उसे पढ़ कर छात्र-छात्राओं को प्रेरित करेंगे। 9 वीं से 12 वीं कक्षा के लिए प्रकाशित होने वाली पत्रिका में छात्र-छात्राओं के लिए करियर गाइडेंस भी होगा। अपर मुख्य सचिव ने लाइव कार्यक्रम में कहा है कि नवाचार और आविष्कार में रुचि रखने वाले छात्र छात्राओं की हर संभव मदद की जाएगी। बच्चों को शिक्षक मानचित्र भी पढ़ाएंगे इसके लिए हर स्कूल के एटलस उपलब्ध कराए जाएंगे।

अपर मुख्य सचिव की पहल का स्वागत

जिला के स्कूली शिक्षा में स्थापित प्रतिनिधि प्राध्यापकगण ने अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ की उपरोक्त नई और उपयोगी पहल का पुरजोर स्वागत किया है। बैरिया अंचल में भितहा प्लस टू स्कूल के प्राचार्य डॉ दिवाकर राय ने कहा कि शिक्षा विभाग में निरंतर जारी सुधार और सकारात्मक बदलाव की प्रत्येक पहल का स्वागत होना चाहिए। वही मच्छरगांवा नगर पंचायत के प्रोजेक्ट कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य मुनींद्र द्र कुमार झा ने कहा कि नवाचार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने की विशेष पहल से स्कूली शिक्षा व्यवस्था में में। बहुत सकारात्मक माहौल बनेगा।

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