डीएलएड-बीटीसी डिग्री लेकर भी शिक्षक बनने से वंचित

डीएलएड-बीटीसी डिग्री लेकर भी शिक्षक बनने से वंचित

महराजगंज। 2018 में 69,000 शिक्षकों की भर्ती के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक बनने की डिग्री पाकर भी लगभग 20 हजार से अधिक युवा शिक्षक बनने से वंचित हैं। इसमें ऐसे भी हैं जो तय उम्र सीमा भी पार कर चुके हैं। ऐसे में अब वह नियमों के पेच से शिक्षक नहीं बन सकेंगे।



प्रयागराज में बीटीसी-डीएलड व टेप डिग्री धारक बेसिक शिक्षा भर्ती न निकलने को लेकर पिछले छह दिन से धरना दे रहे हैं।


धरने को जिले के डिग्री धारक जो शिक्षक बनने से वंचित हैं, उन्होंने समर्थन की तैयारी की है। पनियरा के आयुष पटेल और नीरज यादव डीएलएड व टेट के बाद भी शिक्षक नहीं बन सके। उनका कहना है कि बीते सात वर्षों में कई ऐसे नौजवान उनके जानने वाले हैं, जिन्हें शिक्षक बनने का मौका नहीं मिला और वह उम्र सीमा पार कर चुके हैं।




जनपद में बीटीसी की व्यवस्था 23 स्कूलों में है और 1450 सीटें तय हैं। डायट में डीएलएड का प्रशिक्षण दिया जाता है साथ ही आसपास के जिलों में जाकर भी युवा शिक्षक बनने का सपना पूरा करने के लिए बीएड व डीएलएड कर रहे हैं।


ऐसे में अब बड़ी संख्या जिले में ऐसे युवाओं की फौज है जो निर्धारित पात्रता पूरी करने के बाद सिर्फ भर्ती आने का इंतजार कर रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है।

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