बीईओ और क्लर्क मिलकर खाते थे घूस, गिरफ्तार

 बीईओ और क्लर्क मिलकर खाते थे घूस, गिरफ्तार



बिक्रमगंन के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुधीरकांत शर्मा और उनके कार्यालय लेखा सहायक सुभाष कुमार को निगरानी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। बुधवार की सुबह निगरानी विभाग की टीम सादे ड्रेस में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय पहुंची। जहां गोटपा मध्य विद्यालय के शिक्षक विद्या भूषण ने जैसे ही रुपए दोनों के हाथों में थमाया, निगरानी की टीम ने धर दबोचा। सुधीरकांत शर्मा ने शिक्षक विद्याभूषण से 7 हजार 600 रुपए और लेखा सहायक सुभाष कुमार से 7 हजार रुपए लिए थे। उन्हें डीएसपी श्यामबाबू प्रसाद व उनकी टीम ने मौके पर धर दबोचा। उसके बाद कार्यालय में खलबली मच गई।

निगरानी विभाग की टीम जैसे ही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में घुसकर उनके साथ लेखा सहायक को दबोचा तो कुछ देर के लिए वहां हड़कंप के साथ अफरा तफरी मच गई। इसी बीच सुधीरकांत शर्मा निगरानी के जवानों से अपना हाथ छुड़ाकर भागने लगे। पकड़ा

गया लेखा सहायक सुभाष कुमार वहीं पर सर पकड़कर बैठ गया। जो पसीने से तर बतर हो गया। लग की उसकी तबीयत खराब हो जाएगी। फिर भी निगरानी विभाग की टीम उसे पकड़कर बाहर लाई। सुधीरकांत शर्मा भी जवानों के रूख कड़ा करते ही शांत हो गए और सीधे गाड़ी में जा बैठे। इस दौरान गाड़ी में बैठने से भी एक बार मना किया पर डीएसपी ने उन्हें सीधे शब्दों में समझाया तो गाड़ी में जा बैठे।

रिश्वत बगैर ट्रेनिंग का खर्च व वेतन का एरियर नहीं दे रहे थे शिक्षक विद्याभूषण ने बताया कि 2016-2017 में प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाली राशि का बकाया भुगतान करना था। साथ में वेतन के एरियर भुगतान के लिए वे बीईओ व लेखापाल से लगातर आग्रह कर रहे थे। परंतु बिना रिश्वत के यह राशि भुगतान नहीं करने की जिद पर दोनों अड़े हुए थे। अंत में मैं निगरानी विभाग के पास गया। जहां से बिक्रमगंज प्रखंड शिक्षा कार्यालय की रेकी हुई। मामले के सत्यापन के बाद निगरानी विभाग ने यह कार्रवाई की है। जिससे हमें न्याय मिल पाया है।


बिक्रमगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुधीर कांत शर्मा ने शिक्षक विद्याभूषण के बकाया वेतन एरिवर भुगतान के लिए पांच प्रतिशत राशि की मांग की थी। इसके अलावे सर्विस बुक संधारण के लिए प्रति वर्ष के हिलाब से पांच सौ रुपए मांगे थे। जो बहुत बड़ी राशि हो रही थी। 2016-2017 से बकाया राशि की भुगतान में इतनी बड़ी रकम देना बहुत बड़ी बात थी। जिसको

लेकर विद्याभूषण काफी मानसिक तनाव में रहते थे। अंत में मामले को जब निगरानी विभाग के पास पहुंचाया तो उसके कुछ ही दिनों बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पर लगे इस आरोप के साथ कई शिकायतों की जांच शुरू हुई। अंत में विभाग ने उक्त पदाधिकारी व लेखा सहायक पर लगे आरोपों के सत्यापन हो जाने के बाद कार्रवाई का निर्णय लिया।

एक महीने में चार घूसखोर पकड़े गए


रोहतास जिला में भ्रष्टाचार के चढ़े ग्राफ की कहानियां निगरानी विभाग द्वारा एक महीने में की गई चार गिरफ्तारियां कह रही हैं। सासाराम सदर अंचल के डाय ऑपरेटर की गिरफ्तारी के बाद आरोपी अंचलाधिकारी की पटना मुख्यालय में स्थानांतरण की पहली घटना थी। उसके बाद सासाराम जीआरपी के एसआई विजय कुमार सिंह द्वारा उत्पाद विभाग की एक महिला एसआई के हाथों पांच हजार रूपए लेते गिरफ्तारी हुई। तीसरी घटना में बिक्रमगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और उनके कार्यालय लेखा सहायक सुभाष कुमार को बुधवार के दिन निगरानी ने गिरफ्तार कर लिया।
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