पहले ही दिन 12% स्कूलों ने नहीं दी एमडीएम की रिपोर्ट
पटना, कार्यालय संवाददाता। मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) की रिपोर्ट देने में स्कूल कोताही बरत रहे हैं। स्कूलों को हर दिन बच्चों को इसकी एमडीएम मिलने की रिपोर्ट देनी है। लेकिन इस आदेश की अवहेलना हो रही है। 23 जून (सोमवार) से राज्य के सभी सरकारी स्कूल गर्मी छुट्टियों के बाद खुल गए। स्कूल खुलने के पहले ही दिन 8000 (12%) स्कूलों ने एमडीएम की रिपोर्ट नहीं दी।
राज्य के 65 हजार से अधिक स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को दोपहर का खाना दिया जाता है। इनमें आठ हजार स्कूलों के रिपोर्ट नहीं देने के कारण इस बात का पता नहीं लगाया जा सकता कि बच्चों को खाना मिला या नहीं। अगर नहीं मिला तो इसके पीछे क्या वजह है।
इनमें सबसे अधिक पूर्वी चंपारण के 486, गोपालगंज के 462 और मुजफ्फरपुर के 412 स्कूल हैं, जिन्होंने पहले ही दिन रिपोर्ट नहीं दी है।
मध्याह्न भोजन योजना समिति ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को लिखा पत्र : जिन स्कूलों से रिपोर्ट नहीं सौंपी जाएगी उन पर अब कार्रवाई होगी। मध्याह्न भोजन योजना समिति ने सभी जिले के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एमडीएम) को पत्र लिखा है। समिति ने कहा है कि जिस दिन स्कूल में मध्याह्न भोजन बाधित रहेगा उस दिन की समीक्षा जिले में डीपीओ करेंगे और उस दिन का भुगतान वेंडर को नहीं किया जाएगा
