शिक्षकों को मिलेंगे 10 प्रकार के अवकाश

शिक्षकों को मिलेंगे 10 प्रकार के अवकाश

पूर्णिया, 

प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को 10 प्रकार का अवकाश मिलेगा। प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक, सहायक शिक्षक व विशिष्ट शिक्षक के साथ विद्यालय अध्यापक की अवकाश स्वीकृति के दिशानिर्देश जारी किये गये हैं। बिहार सरकार के उप सचिव ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र जारी कर स्वीकृत अवकाश तालिका भेजा है और तालिक के मुलाबिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत अवकाश स्वीकृत करने का निर्देश दिया है। इसके तहत शिक्षकों के आकस्मिक अवकाश, विशेष आकस्मिक अवकाश, मातृत्व व प्रसव अवकाश, शिशु देखभाल अवकाश, पितृत्व अवकाश, उपार्जित अवकाश, आधे वेतन पर छुट्टी, रुपांतरित छुट्टी, असाधारण अवकाश और अदेय छुट्टी की प्रक्रिया में एकरुपता, स्पष्टता एवं पारदर्शिता बरतने की आवश्यकता जताई है।


23 जून के बाद ऑफलाइन अवकाश आवेदनों पर नहीं किया


जायेगा विचारः बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के उपसचिव अमित कुमार पुष्पक ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक, सहायक शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापक स्थानीय निकाय के शिक्षकों को छोड़कर के अवकाश की स्वीकृति के संबंध में पत्र जारी किया है। जारी पत्र में उल्लेख किया है कि सरकारी विद्यालयों में पूर्व से विहित वेतनमान के सहायक शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक कार्यरत है। वर्तमान में उच्च माध्यमिक विद्यालयों में बिहार राज्य उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रधानाध्यापकनियमावली, 2021 के तहत प्रधानाध्यापक की नियुक्ति की गई है। साथ ही बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियमावली, 2023 के तहत विद्यालय अध्यापक, बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 के तहत विशिष्ट शिक्षक एवं प्रारंभिक विद्यालय प्रधान शिक्षक नियमावली 2024 के तहत प्रधान अध्यापक की नियुक्ति की गई है। इन शिक्षकों को बिहार सेवा संहिता के नियमों के तहतअवकाश अनुमान्य किया गया है। किन्तु ऐसे दृष्टांत सामने आ रहे है कि कई जिलों में अवकाश की स्वीकृति की प्रक्रिया में एकरूपता, स्पष्टता एवं पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। जिससे ऐसे शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों को अवकाश स्वीकृत कराने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

अतः सम्यक विचारोपरांत अवकाश की स्वीकृति की प्रक्रिया को सुस्पष्ट, सुगम एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया को निर्धारित कर दी गई है। इसके तहत आकस्मिक अवकाश समान्यत प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में 16 दिन अनुमान्य होगा किन्तु नई नियुक्ति के बाद नियुक्ति वर्ष के अवशेष माह के लिए समानुपातिक रूप से आकस्मिक अवकाश अनुमान्य होगा। ऐसे अवकाश सार्वजनिक अवकाश सहित लगातार 12 दिनों से अधिक अवधि के लिए स्वीकृत नहीं की जा सकेगी। विशेष आकस्मिक अवकाश महिलाओं के लिए प्रत्येक माह में लगातार 2 दिन अनुमान्य होगा। मातृत्व अवकाश व प्रसव अवकाश के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा ऐसे आवेदन प्राप्ति की तिथि से 7 कार्य दिवस के अन्दर ही इसकी स्वीकृति तिथि से 180 दिनों की अवधि के लिए मातृत्व व प्रसव अवकाश देय होगा। पितृत्व अवकाश जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा ऐसे आवेदन प्राप्ति कीतिथि से 7 कार्य दिवस के अन्दर ही इसकी स्वीकृति व अस्वीकृति का निर्णय लिया जायेगा। आधे वेतन पर छुट्टी बिहार सेवा संहिता के नियम 232, 233 एवं 248 के आलोक में ऐसे अवकाश की स्वीकृत दी जाएगी। 


ये छुट्टी निजी काम के लिए और स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र पर भी मिल सकती है। आधे वेतन पर छुट्टी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र पर या निजी काम के लिए, एक समय में चाहे जितने दिनों तक ली जा सकती है और यह तब भी लागू होगा जब ऐसी छुट्टी निवृत्ति के पूर्व ली जाये। यह छुट्टी तबतक न दी जाएगी, जबतक कि छुट्टी मंजूर करने में सक्षम प्राधिकार को ऐसा विश्वास करने का कारण न हो कि सरकारी सेवक छुट्टी बीत जाने के बाद कर्तव्य पर लौट आएगा। रूपांतरित छुट्टी में अवकाश स्वीकृत कराकर अवकाश अवधि में रहने वाले ऐसे कर्मियों के मासिक वेतन भुगतान के क्रम में अवकाश से लौटने की प्रतीक्षा नहीं की जायेगी बल्कि उनका वेतन बिना रोक के प्रतिमाह नियमित रूप से भुगतान किया जाता रहेगा। असाधारण अवकाश में अवकाश की अवधि का कोई वेतनादि देय नहीं होगा। अदेय छुट्टी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र पर दी जा सकती है। यह छुट्टी समूचे सेवाकाल में 180 दिन दी जा सकती है। सरकारी सेवक जो आधे वेतन पर छुट्टी बाद में उपार्जित करेंगे, उससे यह छुट्टी काट ली जायेगी।
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