पटना/ मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान टीम। राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के जवाब देने की क्षमता का मूल्यांकन होगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने जो सीखा, वे स्कूलों में किस तरह उसका अनुपालन कर रहे हैं, मूल्यांकन में यह जांचा-परखा जाएगा। एससीईआरटी ने इसके लिए पत्र जारी किया है।
पत्र के अनुसार, स्कूलों में टीचर ट्रेनिंग कॉलेजों की टीम पहुंचेगी। वह टीम कक्षा में बैठकर देखेगी कि बच्चों के सवाल पर शिक्षक कैसे जवाब दे रहे हैं। विभाग का मानना है कि भारी खर्च कर शिक्षकों को ट्रेनिंग देने के बाद स्कूलों में सुधार हुआ या नहीं, मूल्यांकन का मूल मकसद यही है। एक टीचर ट्रेनिंग कॉलेज की टीम को पांच स्कूलों में मूल्यांकन का जिम्मा मिलेगा। मूल्यांकन में पांच स्तर की ग्रेडिंग की जाएगी और 23 बिंदुओं पर जांच की जाएगी। जांच की जिम्मेदारी अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय (सीटीई), जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (पीटीईसी), प्रखंड अध्यापक शिक्षा संस्थान (बायट) के शिक्षक, प्राचार्य को सौंपी गयी है।
एससीईआरटी के निदेशक विनायक मिश्र ने सभी प्रशिक्षण संस्था के प्राचार्य और प्रभारी प्राचार्य को पत्र भी लिखा है, जिसमें कहा गया है कि निगरानी शिक्षकों के कार्यरत स्कूल में होगी जिसमें यह देखा जाएगा कि ट्रेनिंग के दौरान शिक्षकों ने क्या सीखा है, उसका कहां इस्तेमाल कर रहे हैं। शिक्षक-छात्र पर हुए प्रभाव की जांच की जाएगी। साथ ही शिक्षक-छात्रों की उपस्थिति, आधारभूत संरचना, शैक्षणिक, पाठ्य से संबंधित गतिविधियां, वर्ग संचालन की निगरानी होगी। इसके आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
