बिहार में शिक्षा विभाग ऑनलाइन होगा। 38 जिलों में कार्यरत शिक्षकों को अवकाश, फंड, सुरक्षा के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। यह जानकारी अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने शिक्षा की बात हर शनिवार के दौरान दी। उन्होंने कहा कि शिक्षक मेडिकल लीव, विभागीय आवेदन, मातृत्व अवकाश, सैलरी की समस्या, आकस्मिक घटना के लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे। इसकी मॉनिटरिंग मुख्यालय स्तर पर होगी। यह निर्णय डॉ. एस. सिद्धार्थ ने एक
शिक्षक का पत्र पढ़ने के बाद लिया। शिक्षक का बीपीएससी टीआरई-1 पास एक शिक्षक ने पत्र से अपर मुख्य सचिव को जानकारी दी कि डीईओ और डीपीओ कार्यालय में शिक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। हर काम के लिए पैसे मांगे जाते हैं। लिपिक, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भी शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं।
इस संबंध में डॉ. सिद्धार्थ ने शिक्षकों की समस्या ऑनलाइन हल करने का निर्णय लिया। इससे शिक्षकों को आवाजाही से निजात मिलेगी। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग ने हाल ही में ग्रीवांस हैंडलिंग पोर्टल को ई-शिक्षा कोष से जोड़ा है, जिसमें कुल 11 अवयव हैं। इनमें भुगतान से लेकर स्कूल इंफ्रास्ट्रक्वर, शिक्षकों की शिकायत और उपस्थिति की निगरानी तक की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन है। इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।
