सीवान, हिप्र। शहर के डायट के बहुद्देशीय हॉल में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली एवं बिहार शिक्षा परियोजना के संयुक्त तत्वाधान में परीक्षा पर्व का आयोजन किया गया। इसमें जिले के भिन्न भिन्न प्रखंडों से आए हुए कक्षा छः के ऊपर के बच्चे, अभिभावक, शिक्षक तथा प्रशिक्षण संस्थान सीवान के प्रशिक्षु शामिल हुए।
शुभारंभ जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह, संस्थान प्रभारी खुशबू मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन के साथ किया। स्वागत अभिभाषण में खुशबू मिश्रा ने इस कार्यक्रम की रूप रेखा पर विस्तार से चर्चा की। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बच्चों एवं अभिभावकों को परीक्षा से
संबंधित होने वाले तनाव तथा इससे मुक्ति पर विचार प्रगट किए। उन्होंने कहा कि हम बेवजह बच्चों पर अपनी इच्छा थोप देते हैं। जबकि प्रत्येक बच्चे को प्रकृति ने स्वतंत्र सोच तथा अभिव्यक्ति दी है। केवल आवश्यकता है, इनके उचित मार्गदर्शन तथा अच्छे चरित्र निर्माण की। परीक्षा पर्व का आयोजन के मुख्य साधन सेवी सह डायट के व्याख्याता नागेन्द्र राय ने अपने
अभिभाषण में बच्चों, अभिभावकों तथा शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के अंदर उनकी विशिष्टता को पहचान कर उन्हें उसी विषय या कौशल को विकसित किए जाए। उन्होंने कहा कि जिन हाथों में किताबें होंगी उन्हीं हाथों में नियुक्ति पत्र भी होंगे। इस अवसर पर संस्थान के व्याख्याता शीतांशु कुमार, डॉ मनोज कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मंच का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ सत्येन्द्र कुमार पांडेय ने किया। कार्यक्रम में एनसीपीसीआर के संयोजक यश कुमार, व्याख्याता डॉ कनिष्क कृष्ण, डॉ रामकृष्ण, विजया, सोनी तरन्नुम, नवीन कुमार तथा एडमिन राकेश कुमार सहित सैकड़ों प्रशिक्षु, छात्र तथा अभिभावक एवं शिक्षक उपस्थित थे।
