राशि खर्च करने का बदला नियम

बिहार: समग्र शिक्षा की राशि खर्च करने का बदला नियम, अब CFMS 2.0 पोर्टल से होगा भुगतान; 4 महीने से अटका पैसा मिलने की उम्मीद

Bihar Education News: बिहार के सरकारी स्कूलों में समग्र शिक्षा अभियान के तहत विकास एवं अन्य गतिविधियों के लिए मिलने वाली सरकारी राशि के भुगतान और खर्च करने की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पिछले चार महीने से भुगतान में आ रही बाधा अब दूर होने की उम्मीद है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से स्कूलों को मिलने वाली राशि खर्च करने की पूरी प्रक्रिया CFMS 2.0 पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी।

अब ऑनलाइन बिल बनाकर करना होगा भुगतान

दैनिक भास्कर में 05 नवंबर 2026 को प्रकाशित खबर के अनुसार, जुलाई से किसी न किसी कारण से स्कूलों को मिलने वाली राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा था। नई व्यवस्था के तहत विद्यालयों को सरकारी राशि खर्च करने के लिए ऑनलाइन बिल तैयार करना होगा और उसे पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद भुगतान ट्रेजरी के माध्यम से किया जाएगा।

राशि खर्च करने से पहले लेनी होगी समिति की मंजूरी

नई व्यवस्था में सरकारी राशि खर्च करने से पहले विद्यालय शिक्षा समिति अथवा विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। यानी विद्यालय स्तर पर किसी भी वित्तीय मद में राशि खर्च करने से पहले प्रधानाध्यापक को संबंधित समिति से स्वीकृति प्राप्त करनी होगी।

इससे विद्यालयों में सरकारी राशि के खर्च की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है।

CFMS 2.0 पोर्टल पर सभी कार्यालयों और विद्यालयों का पंजीकरण अनिवार्य

इस व्यवस्था को लागू करने के लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने राज्य के सभी जिला कार्यालयों, प्रखंड संसाधन केंद्रों और विद्यालयों का CFMS 2.0 पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। राज्य परियोजना निदेशक की ओर से सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।

पोर्टल पर बनेंगी अलग-अलग यूजर आईडी

नई व्यवस्था के तहत जिला कार्यालय, प्रखंड संसाधन केंद्र, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, संकुल संसाधन केंद्र और सभी विद्यालयों के लिए CFMS 2.0 पोर्टल पर ऑफिस एवं यूजर आईडी बनाई जाएगी।

पोर्टल पर अलग-अलग जिम्मेदारियों के लिए निम्नलिखित भूमिकाएं निर्धारित की गई हैं:

  • ऑफिस एडमिन: कार्यालय से संबंधित प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी।
  • मेकर (Maker): भुगतान से संबंधित बिल एवं आवश्यक विवरण तैयार करना।
  • अप्रूवर (Approver): तैयार बिल एवं भुगतान प्रक्रिया की जांच कर स्वीकृति देना।

अप्रूवल के बाद ट्रेजरी से होगा भुगतान

खबर के अनुसार, नई व्यवस्था में बिल तैयार होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत अप्रूवर द्वारा स्वीकृति दी जाएगी। इसके बाद ट्रेजरी के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी। इस प्रकार विद्यालयों को मिलने वाली राशि के खर्च और भुगतान का पूरा विवरण ऑनलाइन दर्ज रहेगा।

प्रधानाध्यापक के लिए जरूरी निर्देश

विद्यालय स्तर पर किसी भी वित्तीय दावे से पहले प्रधानाध्यापक को विद्यालय शिक्षा समिति अथवा विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति से खर्च की मंजूरी लेनी होगी। समिति की स्वीकृति के बाद ही निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत बिल तैयार कर भुगतान के लिए आगे बढ़ाया जा सकेगा।

CFMS 2.0 की नई व्यवस्था की मुख्य बातें

संबंधित योजना समग्र शिक्षा अभियान
नई व्यवस्था CFMS 2.0 पोर्टल के माध्यम से भुगतान
लागू वित्तीय वर्ष 2026-27
बिल तैयार करने की प्रक्रिया ऑनलाइन बिल बनाकर पोर्टल पर अपलोड करना
खर्च से पहले स्वीकृति विद्यालय शिक्षा समिति / विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति
भुगतान का माध्यम ट्रेजरी के माध्यम से
पोर्टल की भूमिकाएं ऑफिस एडमिन, मेकर एवं अप्रूवर

चार महीने से अटके भुगतान को लेकर स्कूलों को उम्मीद

समग्र शिक्षा अभियान के तहत मिलने वाली राशि का भुगतान पिछले चार महीने से प्रभावित था। अब CFMS 2.0 के माध्यम से नई प्रक्रिया लागू होने के बाद स्कूलों को राशि के भुगतान की उम्मीद है। हालांकि, भुगतान की वास्तविक शुरुआत पंजीकरण, यूजर आईडी निर्माण और निर्धारित स्वीकृति प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

नोट: यह खबर 05 नवंबर 2026 को दैनिक भास्कर, बेगूसराय में प्रकाशित समाचार की कटिंग के आधार पर तैयार की गई है।

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