School Grant 2026: स्कूलों को मिलेगा ₹10,000 से ₹1 लाख तक अनुदान, कायाकल्प के लिए अतिरिक्त ₹50,000

School Grant 2026: स्कूलों को मिलेगा ₹10,000 से ₹1 लाख तक अनुदान, कायाकल्प के लिए अतिरिक्त ₹50,000

School Grant 2026: सरकारी विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए स्कूलों को विभिन्न मदों में अनुदान राशि दी जाती है। इसमें Composite School Grant और Kayakalp Grant प्रमुख हैं। विद्यालय में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट की राशि निर्धारित की जाती है।

प्रसारित जानकारी के अनुसार, विद्यालयों को नामांकन के आधार पर ₹10,000 से लेकर ₹1,00,000 तक की Composite Grant मिल सकती है। इसके अलावा विद्यालय के कायाकल्प और आधारभूत सुविधाओं में सुधार के लिए ₹50,000 तक की अतिरिक्त राशि का भी उल्लेख किया गया है।

1. Composite School Grant: छात्र नामांकन के आधार पर मिलेगी राशि

Composite School Grant के अंतर्गत विद्यालय में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर अनुदान निर्धारित किया जाता है। दी गई जानकारी के अनुसार राशि का विवरण इस प्रकार है:

छात्र नामांकन अनुदान राशि
1 से 30 विद्यार्थी ₹10,000
31 से 100 विद्यार्थी ₹25,000
101 से 250 विद्यार्थी ₹50,000
251 से 1000 विद्यार्थी ₹75,000
1000 से अधिक विद्यार्थी ₹1,00,000

2. Kayakalp Grant: अतिरिक्त ₹50,000 तक की राशि

Composite School Grant के अतिरिक्त इन्फोग्राफिक में Kayakalp Grant के अंतर्गत ₹50,000 तक की अतिरिक्त राशि का उल्लेख किया गया है। इस राशि का उद्देश्य विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं, कायाकल्प और बुनियादी ढांचे में सुधार करना बताया गया है।

इससे विद्यालयों में आवश्यक मरम्मत, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, इस राशि की पात्रता, स्वीकृति और उपयोग की शर्तें संबंधित विभाग के आधिकारिक आदेश के अनुसार ही लागू होंगी।

Composite Grant का पैसा किन कार्यों में खर्च किया जा सकता है?

Composite School Grant का उद्देश्य विद्यालय की शैक्षणिक और भौतिक आवश्यकताओं को पूरा करना है। संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार इसका उपयोग विद्यालय की जरूरतों के लिए किया जा सकता है, जैसे:

  • शिक्षण सामग्री और आवश्यक स्टेशनरी की व्यवस्था।
  • ब्लैकबोर्ड, ग्रीन बोर्ड और अन्य शिक्षण उपकरणों की मरम्मत।
  • विद्यालय की स्वच्छता एवं साफ-सफाई संबंधी कार्य।
  • पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं में सुधार।
  • पुराने या खराब उपकरणों को बदलना।
  • विद्यालय की दैनिक शैक्षणिक एवं भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति।

विद्यालयों को अनुदान राशि कैसे मिलेगी?

अनुदान राशि का आवंटन और विद्यालयों तक हस्तांतरण संबंधित राज्य की स्वीकृति, नामांकन संबंधी आंकड़ों और विभागीय दिशा-निर्देशों के आधार पर किया जाता है। विद्यालय प्रबंधन समिति को प्राप्त राशि का उपयोग निर्धारित मदों और नियमों के अनुसार करना होता है। खर्च का विवरण और उपयोगिता प्रमाणपत्र भी संबंधित निर्देशों के अनुसार प्रस्तुत करना पड़ सकता है।

प्रधानाध्यापक इन बातों का रखें ध्यान

  • विद्यालय का छात्र नामांकन रिकॉर्ड सही रखें।
  • स्वीकृत अनुदान राशि की जानकारी संबंधित विभाग से प्राप्त करें।
  • विद्यालय प्रबंधन समिति की प्रक्रिया के अनुसार राशि का उपयोग करें।
  • अनुदान का खर्च निर्धारित मदों में ही करें।
  • सभी खर्चों के बिल, वाउचर और अभिलेख सुरक्षित रखें।
  • विभागीय निर्देश के अनुसार उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करें।

निष्कर्ष

विद्यालयों को मिलने वाला Composite School Grant और Kayakalp Grant स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। नामांकन के आधार पर कंपोजिट ग्रांट की राशि ₹10,000 से ₹1 लाख तक बताई गई है। वहीं कायाकल्प के लिए ₹50,000 तक अतिरिक्त राशि का उल्लेख है। प्रधानाध्यापकों को अपने विद्यालय के लिए लागू आधिकारिक आदेश और पात्रता की पुष्टि करने के बाद ही अनुदान राशि के संबंध में निर्णय लेना चाहिए।

महत्वपूर्ण नोट: यह पोस्ट उपलब्ध इन्फोग्राफिक में दी गई जानकारी पर आधारित है। इसमें राज्य, वित्तीय वर्ष और Kayakalp Grant की पात्रता का आधिकारिक आदेश स्पष्ट नहीं है। इसलिए ₹50,000 की अतिरिक्त राशि को सभी विद्यालयों के लिए स्वीकृत या सुनिश्चित अनुदान न समझें। अंतिम जानकारी संबंधित शिक्षा विभाग के शासनादेश से ही मान्य होगी।

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