प्रधान शिक्षक बने 'टीचर ऑफ द मंथ

प्रधान शिक्षक बने 'टीचर ऑफ द मंथ'

 जिले के सुदूर ग्रामीण इलाके में स्थित नव प्राथमिक विद्यालय, कोला में पिछले कुछ महीनों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस बदलाव के लिए स्कूल के प्रधान शिक्षक मनीष कुमार आनंद को जनवरी माह के लिए बिहार शिक्षा विभाग की ओर से "टीचर ऑफ द मंथ" सम्मान दिया गया है। पूरे बिहार से चुने गए 14 शिक्षकों में उनका नाम शामिल है।


जानकारी के अनुसार प्रधान शिक्षक बनने के बाद मनीष कुमार आनंद ने स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ साफ-सफाई और अनुशासन पर खास ध्यान दिया। उन्होंने स्टूडेंट ऑफ द डे नाम से एक पहल शुरू की। इसके तहत हर दिन एक ऐसे बच्चे को चुना जाता है, जो कपड़े पहनकर आता है, समय पर स्कूल पहुंचता है और अच्छा व्यवहार करता है। इससे बच्चों में आगे बढ़ने की अच्छी भावना पैदा हुई है। अब स्कूल में लगभग सभी बच्चे गणवेश में आते हैं और औसत उपस्थिति 80 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है। उपस्थिति भी एफआरएस ऐप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। प्रधान शिक्षक का कहना है कि जब स्कूल का माहौल अच्छा होता है, तो पढ़ाई भी बेहतर होती है। शुरुआत में बच्चों में साफ-सफाई को लेकर जागरूकता कम थी, लेकिन शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग से अब स्थिति काफी सुधर गई है। बच्चे कक्षा के साथ-साथ मध्यान्ह भोजन के समय भी अनुशासन का पालन करते हैं। बता दें कि मनीष की पत्नी खुशबू कुमारी भी उर्दू प्राथमिक विद्यालय विदायडीह में प्रधान शिक्षिका हैं और वे भी शिक्षा के क्षेत्र में सम्मानित हो चुकी हैं।


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