कार्यालयों में वर्षों से प्रतिनियुक्त शिक्षक उठा रहे वेतन

कार्यालयों में वर्षों से प्रतिनियुक्त शिक्षक उठा रहे वेतन



नवहट्टा प्रखंड कार्यालय में महीनों से कार्यालय कार्य के नाम पर शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति किए जाने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। आरोप है कि प्रतिनियुक्त शिक्षक विद्यालय से मुक्त रहकर निजी व्यवसाय एवं घरेलू जीवन का आनंद ले रहे हैं, जबकि विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी के कारण शैक्षणिक व्यवस्था चरमरा गई है। प्रखंड कार्यालय द्वारा निर्गत आदेश के आधार पर महिला एवं पुरुष शिक्षकों को विद्यालयों से बाहर रखा गया है। कई शिक्षक कार्यालय में प्रतिनियुक्ति के बावजूद न तो कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित होते हैं और न ही विद्यालयों में योगदान दे रहे हैं।

प्रखंड के कई विद्यालयों में शिक्षकों के अभाव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। एक-एक विद्यालय में मात्र दो या तीन शिक्षकों के सहारे पांच कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, जिससे पठन-पाठन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। नगर पंचायत नवहट्टा स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय, मध्य विद्यालय नवहट्टा सहित कई विद्यालयों में यही स्थिति बनी हुई है। गंभीर बात यह है कि विधानसभा चुनाव संपन्न हुए लगभग दो माह बीत जाने के बाद भी चुनावी कार्य के नाम पर प्रतिनियुक्त शिक्षक अब तक कार्यालयों में बने हुए हैं। कई शिक्षकों द्वारा कार्यालय में उपस्थिति पंजी पर हस्ताक्षर तक नहीं किया जा रहा है, जबकि अन्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति दर्ज होती है। बीडीओ प्रिया भारती से पूछा गया तो उन्होंने संबंधित शिक्षिका के कार्यालय में उपस्थित नहीं होने की बात स्वीकार करते हुए जांच के बाद कार्रवाई की बात कही। जांच के बाद होगी कार्रवाई : उपनिदेशक इस संबंध में क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक अमित कुमार ने बताया कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में प्रतिनियुक्त किए जाने की जानकारी मिली है। मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


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