अनुभव के आधार पर 4–8 साल सेवा वाले शिक्षकों को नेतृत्व पद
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पदभार के लिए वरीयता निर्धारण के लिए गाइडलाइन जारी की है. यह गाइडलाइन प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने जारी की है. सरकारी स्कूलों मे चार से आठ साल पढ़ाने का अनुभव जरूरी है. इसके अलावा प्रभार देने के लिए अन्य और
वैकल्पिक योग्यताए भी निर्धारित की गयी है. माध्यमिक शिक्षक / विद्यालय अध्यापक के लिए स्थानीय निकाय के प्रशिक्षित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक अथवा विद्यालय अध्यापक के रूप में वर्ग नौ से 10 में न्यूनतम आठ वर्ष का अनुभव होना चाहिए. उच्च माध्यमिक (वर्ग 11 से 12 वीं में वरीयता के लिए स्थानीय निकाय प्रशिक्षित शिक्षक विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापकों को चार वर्ष का अध्यापन अनुभव होना चाहिए, इस तरह इन अहर्ताओं को रखने वाले
माध्यमिक शिक्षक / उच्च माध्यमिक शिक्षक और विद्यालय अध्यापकों को प्रधानाध्यापक का प्रभार दिया जा सकता है. यदि एक ही विद्यालय में यदि यह येग्यता रखने वाले माध्यमिक और उच्च माध्यमिक के शिक्षक / विद्यालय अध्यापक, दोनो हो तो, प्रशिक्षित उच्च माध्यमिक शिक्षक, जिनके नियोजन की तिथि को यदि प्रशिक्षित माध्यमिक शिक्षक, जिनकी स्नातकोत्तर की योग्यता तथा कार्यकाल की अवधि दोनो चार वर्ष पूर्ण हो चुकी हो, की वरीयता
