डीपीओ स्थापना, तीन बीइओ सहित नौ कर्मियों को शोकॉज, वेतन बंद

 डीपीओ स्थापना, तीन बीइओ सहित नौ कर्मियों को शोकॉज, वेतन बंद



जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय परिसर में मंगलवार को करीब चार घंटे तक शिक्षकों से संबंधित जन सुनवाई का आयोजन हुआ. यह पहली बार था जब डीएम शशांक शुभंकर शिक्षा विभाग के परिसर में खुले टेंट में शिक्षकों की समस्याएं सुन रहे थे. इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण मुरारी गुप्ता समेत विभाग के सभी अफसर व कर्मचारी लंबित मामलों की फाइलों के साथ उपस्थित थे. विभाग को कुल 180 मामलों में शिक्षकों और रिटायर्ड शिक्षकों से आवेदन प्राप्त हुए थे. डीएम ने इन मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया और कई कर्मचारियों का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया. बेलागंज शिक्षा कार्यालय के क्लकों


की कार्यप्रणाली में लापरवाही मिलने पर जांच और कार्रवाई के निर्देश दिये गये. सुनवाई के दौरान मृत शिक्षक रमेश कुमार के परिजनों ने बताया कि सेवांत लाभ के कागजात चार माह से डाक में पड़े हैं, परंतु लिपिक के पास नहीं भेजे गये. डीएम ने क्लर्क प्रिये रंजन को फटकार लगाई और वेतन


भुगतान रोकने का निर्देश दिया. इसी तरह अन्य शिक्षकों के वेतन फिक्सेशन, अंतर राशि और बकाया भुगतान में भी कई लापरवाही सामने आयी. डीएम ने संबंधित लिपिकों और प्रखंड शिक्षा अधिकारियों से त्वरित स्पष्टीकरण लिया और कई मामलों में वेतन भुगतान रोक दिया.


रिटायर्ड शिक्षकों के उपादान राशि का भुगतान 15 दिनों के भीतर करने का निर्देश



मानपुर के शिक्षक अनूप कुमार, वजीरगंज के अरुण कुमार और मध्य विद्यालय हेमाडीह की शिक्षिका पुष्पा सिंह जैसी शिकायतों पर डीएम ने त्वरित कार्रवाई के आदेश दिये. रिटायर्ड शिक्षकों के उपादान राशि का भुगतान 15 दिनों के भीतर करने का निर्देश भी डीएम ने सुनवाई में दिया. बेलागंज बीइओ कार्यालय की कार्यप्रणाली में जानबूझकर भुगतान न करने की शिकायतों पर डीएम ने जिला निगरानी समिति से पूरी जांच कराने और आवश्यक होने पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया. कोच और बोधगया प्रखंड के बीइओ से भी शोकॉज कर स्पष्टीकरण लिया गया. डीएम ने कहा कि यदि समय पर सस्पेंड और एफआइआर की कार्रवाई होती तो आज ऐसी स्थिति नहीं बनती.

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